तालिबान क्या है और क्या चाहता है? | What is taliban in hindi

taliban kya hai in hindi

सभी लोग सोचते है कि तालिबान इतना ताकतवर कैसे हो गया कि उसके सिर्फ दस-बारह दिन में ही अफगानिस्तान में अपना कब्ज़ा कर लिया है तो आज इस आर्टिकल हम आपको बतायेंगे कि तालिबान इतना ताकतवर कैसे हो गया और इसके बारे में आपको पूरी जानकारी देंगे.

तालिबान क्या है? (What is taliban in hindi)

प्रस्तो जुबान में छात्रों को तालिबान कहा जाता है 90 की दशक के शुरुआत में जब सोवियत यूनियन अफगानिस्तान से अपने सैनिकों को वापस बुला रहा था तभी तालिबान का उभार देखा जा सकता था, ऐसा माना जाता है पहले तालिबानियों का ये आन्दोलन धार्मिक मदरसों  में शुरू हुआ था जिसके लिए सऊदी अरब ने फंडिंग की थी इस आन्दोलन में सिर्फ सुन्नी इस्लाम धर्म की मान्यताओं का प्रचार-प्रसार किया जाता था जब तालिबानियों को ऐसा लगा कि वो आसानी से अपना राज्य बना लेंगे तो उन्होंने दक्षिण पश्चिम अफगानिस्तान पर कब्ज़ा करना शुरू कर दिया.

taliban kya hai in hindi

1996 में तालिबानियों ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर कब्जा कर लिया उसके बाद तालिबानियों ने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति बुरहानुद्दीन रब्बानी को सत्ता से हटाया और 1998 तक तालिबानियों ने अफगानिस्तान के 90% भाग पर कब्जा कर लिया था ये एक ऐसा समय था जब अफगानिस्तान के लोग मुजायुद्दीन के आतंक और सोवियत यूनियन की रणनीतियों से बहुत ऊब चुके थे इसीलिए उन्होंने शुरुआत में तालिबानियों का स्वागत किया, धीरे-धीरे तालिबान फेमस हो गया और इस कारण से ये अपने आप को बहुत ताकतवर समझने लगा था इसीलिए इसने सजा देने के कुछ नियम बनाये जैसे-हत्या के दोषियों को फांसी देना, चोरी करने वाले दोषियों के अंग भंग करने जैसी सजायें थी.

इस सब के बाद ही पुरूषों के लिए दाड़ी और महिलाओं के लिए बुर्का पहनना लागू कर दिया गया और कोई इनके द्वारा बनाये गये नियम को नही मानता था तो उसे कड़ी सजा दी जाती थी धीरे-धीरे तालिबानियों ने अफगानिस्तान में टीवी, इन्टरनेट और सिनेमा जैसी सभी चीजों को बंद कर दिया 10 साल से ज्यादा उम्र की लड़कियां स्कूल नही जा सकती थी और 10 साल से ज्यादा उम्र की कोई लड़की सिर्फ घर के किसी सदस्य के साथ ही बाहर जा सकती थी ऐसे ही कई सारे नियम तालिबानियों ने अफगानिस्तान के लोगों पर लगाये तालिबान को इतना ताकतवर बनाने से पाकिस्तान हमेशा मना करता रहा लेकिन इस बात में कोई सक नही था कि शुरुआत में तालिबान में रहने वाले लोग पाकिस्तानी मदरसों से आये थे, जब तालिबानियों में अफगानिस्तान पर कब्जा किया था तो पाकिस्तान उन तीन देशों में से एक था जिसने तालिबान की सरकार को मान्यता दी थी इसके अलावा सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने भी तालिबान को मान्यता दी थी.

इन्ही सब चीजों के दौरान टेरिरेस्ट ग्रुप अलकायदा ने 11 सितम्बर 2001 को यूएसए में टेरिरेस्ट अटैक करवाया था जिससे बहुत नुकसान हुआ था उस समय टेरिरेस्ट ग्रुप अलकायदा का लीडर सऊदी का टेरिरेस्ट ओसामा बिन लाडेन था और तालिबान इस टेरिरेस्ट को अपने यहाँ शरण देता है अमेरिका ने एक अटैक का बदला लेने का निर्णय लिया था और अफगानिस्तान में जहाँ पर टेरिरेस्ट छुपे थे वहां पर हमले करवा दिए जिससे बहुत से मासूम लोगों की जानें गयी.

मुजायुद्दीन की नॉर्दन अलाइंस का सपोर्ट देखकर दिसम्बर 2001 तक तालिबान को यूएसए पीछे कर देता है जिससे यूएसए का बदला पूरा हो जाता है उसके बाद हामिद करज़ई अफगानिस्तान के नये राष्ट्रपति बनते हैं 2004 में अफगानिस्तान में एक नया संविधान बनाया जाता है जिसके तहत वहां पर इलेक्शन कराए जाते हैं और 6 मिलियन से ज्यादा लोग इलेक्शन में वोट करते हैं अब हामिद करज़ई अफगानिस्तान के और भारत के अच्छे संबंध स्थापित करवाते है और दूसरी तरफ यूएसए पाकिस्तान में एयरट्रैक्स करवाता है जिससे वहां पर मौजूद तालिबानी खत्म हो जाये और फिर 2011 में यूएसए फ़ोर्स के द्वारा ओसामा बिन लाडेन को मार दिया गया था इन सभी कामों के लिए यूएसए ने अपनी आर्मी को अफगानिस्तान भेजा था इन सब के बाद भी तालिबान पूरी तरह से ख़त्म नही हुआ था बल्कि तालिबान ने अफगानिस्तान के अलग-अलग इलाकों में और वहां पर आस-पास के देशों में किसी न किसी तरह से अपना आतंक फैलाना शुरू कर दिया यही चीजें हमेशा चलती रहती है

जिसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प तालिबान से शान्ति बनाये रखने के लिए बातचीत करना शुरू कर दिया उनका ये कहना था कि अगर तालिबान टेरिरेस्ट ग्रुप से अपने रिश्ते खत्म कर देगा तो अमेरिका अपनी फ़ोर्स को पीछे कर लेगा और अफगानिस्तान छोड़ कर चला जायेगा क्युकी अफगानिस्तान में अमेरिकन सरकार का खर्चा बहुत ज्यादा हो रहा था अमेरिका के लोग भी सोचते थे कि क्यों हम वहां पर लड़ाई करने के लिए जाये ये देश तो हमारा है नही, इन्हीं सब के कारण अमेरिका पीछे हट गया और अमेरिका के पीछे हटने के कारण ही तालिबान अपने सबसे मजबूत समय में चल रहा है

आज तालिबान के पास 85 हजार से भी ज्यादा लोग मौजूद है जो लड़ने और मरने के लिए तैयार है तालिबानियों का मकसद पूरे अफगानिस्तान पर कब्जा करना है अफगानिस्तान कुछ साल चलाने के बाद ये अफगानिस्तान के आस-पास के देशों पर भी अपना कब्जा करना चाहेंगे इसीलिए अभी से इन्हें रोकना बहुत जरूरी है अगर अमेरिका चाहता तो तालिबानियों को रोक सकता था क्युकी तालिबानियों से पहले अमेरिका ने मुजायुद्दीन को अफगानिस्तान में अपना विस्तार करने में काफी मदद की थी उसे देखकर तालिबानियों को लगा कि वे भी अपना विस्तार कर सकते हैं इसीलिए कही न कही इसमें अमेरिका का हाथ है.

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आज आपने क्या सीखा?

हमे उम्मीद है कि ये (taliban kya hai in hindi)जानकारी आपको पसंद आई होगी और आपके लिए काफी हेल्पफुल भी होगी इस हमने आपको तालिबान के बारे में पूरी जानकारी दी है,

हमारी ये (taliban kya hai in hindi) जानकारी आपको कैसी लगी कमेंट करके जरुर बताइयेगा और ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर भी कीजियेगा.

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