जुगनू में इतनी लाइट कहाँ से आती है? | जुगनू क्या होता है

jugnu me light kaise jalta hai

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बहुत लोग ये बात सोचते है कि जुगनू रात में जलते रहते है तो इनमे इतनी लाइट कहाँ से आती है तो आज इस आर्टिकल में हम आपको बतायेंगे कि जगने में इतनी लाइट कहाँ से आती है?

ये सब जीव ज्यादातर गांवो में होते है शहरों में बहुत कम ही देखने को मिलते है ये एक ऐसा छोटा सा कीड़ा होता है जिसका शरीर अँधेरे में चमकता है तो यही बात बहुत से लोग सोचते हैं कि जुगनू के अंदर या किसी छोटे से जीव में बल्ब के जैसे लाइट कैसे जल सकती है ये कैसे सम्भव है.

जुगनू किस कैमिकल के कारण अँधेरे में इतनी लाइट देते हैं?

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इटाली के साइंटिस्टस ने रिसर्च किया और पता लगाया कि आखिर किस कैमिकल के होने के कारण ये जुगनू रात में इतनी लाइट देते हैं? जुगनू में लुसिफेरिन नामक कैमिकल होने के कारण ये अँधेरे में इतना चमकते हैं. दुनिया में बहुत से जीव आपको ऐसे मिलेंगे जो बॉडी में लाइट होती है कुछ बैक्टीरिया, मछलियां और कुछ केकड़े भी ऐसे होते हैं जिनकी बॉडी से लाइट निकलती है.

जुगनू में लाइट कुछ सेकंड के लिए जलती है और फिर बंद हो जाती है आखिर क्यों?

जुगनू में हमेशा लाइट नही जलती रहती है ये कुछ सेकंड के लिए जलती है फिर बंद हो जाती है ऐसा क्यों होता है ऐसा इसीलिए होता है क्युकी ये लाइट उनकी साँस से रिलेटेड है ये लाइट कुछ समय के लिए जलती है और बुझ जाती है और ये कम्युनिकेशन पर्पस के लिए चमकती है

मतलब कि आपस में बात करने के लिए, जैसे इंसान कम्यूनिकेट करता है ठीक उसी तरह जुगनुओं का नाईट में कम्युनिकेशन होता है जब इनके अंदर ये लाइट जलती है तब इनके अंदर ये कम्युनिकेशन एक बेसिक लेवल पर होता है.

साइंस की लैंग्वेज में जुगनू के चकमने को बायोलुमिनेस्सेंस कहा जाता है जुगनू में लाइट जलना दो कैमिकल्स के कारण होता है पहला लुसिफेरिन और दूसरा लुसिफेरेस, जुगनू के अंदर लुसिफेरिन कैमिकल होता है और जब जुगनू साँस लेता है

तो हवा का ऑक्सीजन लुसिफेरिन कैमिकल के साथ कम्बाइन होता है या मिलता है और जब ऑक्सीजन और लुसिफेरिन को लुसिफेरेस (ये एक प्रकार का एंजाइम होता है जो इस प्रोसेस में उपस्थिति होता है) कैमिकल द्वारा कम्बाइन किया जाता हैं तो एनर्जी प्रोड्यूज होती है और लाइट के रूप में दिखाई देता है.

जुगनू अपनी बॉडी के नीचे वाले हिस्से से साँस लेते हैं जिसे Tracheoles कहा जाता है ऑक्सीजन इसी के द्वारा अंदर जाती है और ये साँस लेते हैं येलो, ग्रीन और रेड कलर के जुगनू भी प्राकृति में पाए जाते हैं.

पुराने जमाने में लोग जुगनू का इस्तेमाल अपने घर में उजाला करने के लिए या घर को रोशन करने के लिए करते थे वो छोटे-छोटे छेद वाले बर्तन में जुगनू को पकड़ कर लाइट के रूप में इस्तेमाल करते थे.

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आज आपने क्या सीखा?

हमे उम्मीद है कि हमारा ये (jugnu me light kaise jalta hai) आर्टिकल आपको काफी इंटरेस्टिंग लगा होगा इसमें हमने आपको जुगनू रात में या अँधेरे में लाइट क्यों देता है और किस कारण देता है इस बारे में पूरी जानकारी दी है हमारी ये जानकारी आपको कैसी लगी कमेंट करके जरुर बतायेगा और ज्यादा ये ज्यादा लोगों के साथ शेयर भी कीजियेगा.

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