ISO सर्टिफिकेट क्या है? | What is ISO in Hindi

iso certificate kya hota hai

दोस्तों आप में से कुछ स्टूडेंट्स ऐसे होंगे जिनके पास ISO सर्टिफिकेट होगा और उन्हें इसके बारे में जानकारी होगी लेकिन आप में से बहुत से कैंडिडेट्स को ISO सर्टिफिकेट के बारे में नही पता होगा कि ISO सर्टिफिकेट क्या होता है और इसके फायदे क्या होते है आदि, तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको ISO सर्टिफिकेट से रिलेटेड पूरी इन्फॉर्मेशन देते हैं.

iso certificate kya hota hai
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ISO क्या है (What is ISO in Hindi)

ISO का फुल फॉर्म International Organization for Standardization है इसे अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन भी कहा जाता है.

ISO की स्थापना 23 फरवरी 1947 में हुई थी इसका हेडक्वार्टर जेनेवा स्विजरलैंड में है, ISO की पहली बैठक लंडन में 14 अक्टूबर 1946 को हुई थी ISO यह एक तरह का Quality Standards Certificate है जो कंपनी, व्यवसाय या उद्योग को दिया जाता है, ISO सर्टिफिकेट व्यापार में विश्वसनीयता के साथ व्यापार में सुधार के लिए भी काफी मददगार शाबित होता है. कोई भी कंपनी या उद्योग किसी भी प्रकार के प्रोडक्ट बनाती है या उत्पादन करती है तो उसके Management systems की जाँच करने का काम अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन/आईएसओ करती है, आज 155 से भी ज्यादा देश ISO के सदस्य है.

ISO  फुल फॉर्म क्या है?

ISO का फुल फॉर्म International Organization for Standardization है इसे अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन भी कहा जाता है.

ISO सर्टिफिकेट क्या है (What is ISI Certificate in Hindi)

ISO सर्टिफिकेट एक ऐसा सर्टिफिकेट होता है जो वैश्विक बाजारों में पाए जाने वाले प्रोडक्ट्स और सेवा प्रणालियों की दक्षता और सुरक्षा को सुनिश्चित करता है और उसे एक ISO Certification देता है.

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आईएसओ सर्टिफिकेशन दुनिया के सभी उद्योग के क्षेत्रों में मौजूद हैं जैसे- उत्पादों, सामाजिक कार्य, ऊर्जा प्रबंधन, और चिकित्सालय इत्यादि सभी क्षेत्रों में ISO Certification का होना जरूरी होता है, किसी कंपनी या संस्था द्वारा जो भी प्रोडक्ट बेचा जाता है उसकी सेवा की गुणवत्ता, ग्राहकों का समाधान, क्वालिटी, मैनेजमेंट सिस्टम, सुरक्षा और शुद्धता की जाँच करने के बाद सब कुछ सही होने पर उस कंपनी को ISO सर्टिफिकेट दिया जाता है.

ISO सर्टिफिकेट के फायदे के है?

ISO सर्टिफिकेट के कई सारे फायदे है-

आवर्ती समस्याओं से बचना

ज्यादातर व्यवसाय वही गलतियाँ करते हैं क्योंकि उनके पास समस्याओं को समझने/जानने और उन्हें ठीक करने के लिए एक सिस्टम की कमी होती है, और ISO की जरूरत है कि आप मुद्दों के बारे में विस्तृत रिकॉर्ड बनाकर रखें और लंबे समय तक चलने वाले समाधान विकसित करने के मुख्य कारण का पता लगाएं, क्युकी इसमें कम अपशिष्ट, उच्च गुणवत्ता और कम लागत होती है।

समस्याओं को पहचानना और सही करना

ISO 9001, गुणवत्ता प्रबंधन के लिए सबसे लोकप्रिय मानक है जो आपको अपने बिज़नस में होने वाली समस्याओं को पहचानने और उन्हें सही करने के लिए कहता है।

अपनी बिक्री को बढ़ना

ISO सर्टिफिकेट कंपनियों द्वारा विज्ञापनों में उनकी वेबसाइटों पर और उनके भवनों के बाहर प्रचारित किए जाते हैं। इससे आपको वैश्विक बाजार में मदद मिलेगी और बिक्री भी बढ़ेगी. बड़े निगमों के लिए जरूरी है कि उनके पास ISO सर्टिफिकेट हो.

कर्मचारी के कामो में सुधार आना

अपशिष्ट पदार्थों को खत्म करने और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों और सेवाओं के उत्पादन के लिए प्रतिबद्ध, वे अधिक प्रेरित महसूस करते हैं। आईएसओ के लिए जरूरी है कि आप अपने कार्यों को एकदम स्पष्ट रूप से परिभाषित करें और कर्मचारियों के साथ अपनी गुणवत्ता नीतियों को ट्रांसमिट करे.

व्यवसाय पर आपका नियंत्रण बढ़ना

ISO के लिए आपको अपनी गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली की प्रभावशीलता की निगरानी, ​​माप, विश्लेषण और मूल्यांकन करने की जरूरत होती है।

ISO के कार्य क्या है (What is the function of ISO)

किसी कंपनी या फिर कोई संस्था द्वारा जो भी प्रोडक्ट बेचा जाता है उसकी सेवा की गुणवत्ता, ग्राहकों का समाधान, क्वालिटी, मैनेजमेंट सिस्टम, सुरक्षा और शुद्धता की जाँच करने का काम ISO किया जाता है और जाँच करने होने के बाद जब यह पता चल जाता है कि वह कंपनी या व्यवसाय सही तरीके से चल रहा है या नहीं. उसके बाद उस कंपनी को ISO द्वारा ISO Certificate दिया जाता है जिससे वह कम्पनी अपने प्रोडक्ट को बाजार में आसानी से बेच सके और ISO का सर्टिफिकेट होने पर ये कन्फर्म किया जाता है कि कंपनी की तरफ से जो भी प्रोडक्ट बेचा जाता है उससे ग्राहकों को कोई नुकसान नही होगा.

ISO सर्टिफिकेट कितने तरह के होते है?

ISO सर्टिफिकेट कई तरह के होते है-

  • ISO 14001:2015- Environmental Management
  • ISO 22008:2005 – Food Safety Management
  • ISO 9001 2008 – Quality Management
  • ISO 10012 – Measure Management System
  • ISO 50001 – Energy Management
  • ISO 29990 – Learning Services for Non-formal Education and Training
  • ISO 2700:2013 – Information security Management
  • ISO 20000-1 – IT Service Management System

ISO Certification के नुकसान क्या है?

  • ISO सर्टिफिकेट के लिए अधिक जवाबदेही की जरूरत होती है.
  • आईएसओ 9001 प्रमाणन छोटी कंपनियों के लिए काफी ज्यादा महंगा हो सकता है.
  • ISO सर्टिफिकेट बनवाने की प्रक्रिया हमेशा सीधी नहीं होती है इससे आपको कठिनाईयों का सामना करना पड़ सकता है.
  • ISO सर्टिफिकेट के प्रमाणित होने में समय लगता है.
  • ISO सर्टिफिकेट सेवा उद्योगों के लिए ज्यादा अच्छा नहीं है.

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आज आपने क्या सीखा?

हमे उम्मीद है कि हमारा ये (iso certificate kya hota hai) आर्टिकल आपको काफी पसन्द आया होगा और आपके लिए काफी यूजफुल भी होगा क्युकी इसमे हमने आपको ISO सर्टिफिकेट से रिलेटेड पूरी इन्फॉर्मेशन दी है.

हमारी ये (iso certificate kya hota hai) जानकारी कैसी लगी कमेंट करके जरुर बताइयेगा और ज्यादा से ज्यादा लोगो के साथ भी जरुर शेयर कीजियेगा.

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