Electronic Payment System क्या है? | Electronic Payment

Electronic payment system kya hai- आप में से कुछ लोगों को इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के बारे में पता होगा लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होंगे जिन्हें इसके बारे में जानकारी नही होगी इसीलिए आज इस आर्टिकल में हम आपको इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम के बारे में पूरी इनफार्मेशन देंगे.

इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम क्या है?

Electronic payment system kya hai in hindi
Image Credit: Shutterstock

इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम में इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से प्रोडक्ट या सर्विसेज का पेमेंट किया जाता है इसे ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम भी कहा जाता है. ये बिना चेक और कैश का उपयोग किये इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से पैसे का लेनेदेन करने या किसी प्रोडक्ट या सर्विसेज के लिए पेमेंट करने का एक तरीका होता है.

इसके द्वारा ई- पेमेंट का यूज करके आप अपने पसंद का सामान ऑनलाइन खरीद सकते हैं इसमें आपको कैश देने की जरूरत नही होती है आप अपने फ़ोन या किसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (जैसे- टेबलेट, कंप्यूटर, लैपटॉप, स्मार्ट फ़ोन इत्यादि) का यूज करके पेमेंट कर सकते हैं. ज्यादातर ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड का यूज किया जाता है.

आपको इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम के बारे क्यों जानना चाहिए?

आज के समय में इन्टरनेट बेस्ड बैंकिंग और कोई भी सामान को खरीदने के लिए ऑनलाइन शॉपिंग का यूज बहुत ज्यादा किया जा रहा है क्युकी ऑनलाइन पेमेंट तुरंत हो जाते हैं इससे समय और पैसे दोनों की बचत भी होती है और आज के समय में ये हमारे लिए बहुत ही सुविधाजनक भी है. सभी कामों में इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस का यूज किया जाता है इसीलिए सभी को इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम के बारे में जानना चाहिए. आने वाले टाइम में भी इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट का ज्यादातर यूज किया जायेगा तो ऐसे में चेक, कैश और ट्रांजेक्शन कम होता जायेगा.

इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम कैसे काम करती है?

 इसमें काम करने के लिए कई पार्ट होते हैं जैसे-

कार्डहोल्डर

कार्डहोल्डर वह व्यक्ति होता है जो ऑनलाइन ही सभी प्रोडक्ट और सर्विसेज को खरीदता है उसे कस्टमर भी कहा जाता है.

मर्चेंट

मर्चेंट उस व्यक्ति या व्यवसाय को कहा जाता है जो कस्टमर को प्रोडक्ट या सर्विसेज बेचता है.

इशूअर

ये वह वित्तीय संस्थान होता है जो कस्टमर को पेमेंट कार्ड प्रोवाइड करता है. ये एक तरह से कस्टमर का बैंक होता है.

बिज़नेस अकाउंट प्रोवाइडर

मर्चेंट अकाउंट प्रोवाइडर, वह वित्तीय संसथान है जो कस्टमर के साथ एकाउंट स्थापित करता है और बिज़नेस अकाउंट प्रोवाइडर कस्टमर की वैधता को अधिकृत करता है.

पेमेंट प्रोसेसर

पेमेंट प्रोसेसर कार्डधारक और व्यापारी के बीच में अधिकारिक लेनदेन को मैनेज करता है.

पेमेंट गेटवे

पेमेंट गेटवे द्वारा मर्चेंट पेमेंट के मैसेज को प्रोसेस किया जाता है और ट्रांजेक्शन को सिक्योर करने के लिए सिक्योरिटी प्रोटोकॉल और एन्क्रिप्शन का यूज किया जाता है.

कस्टमर एक्शन

कस्टमर प्रोसेस तब शुरू होती है जब आप मर्चेंट की साईट पर जाकर किसी प्रोडक्ट या सर्विस को अपने कार्ट में ऐड करेंगे जिसे आप खरीदना चाहते हैं. उसके बाद आपको पेमेंट फॉर्म (जैसे- कार्ट नंबर, expiration date, CVV code आदि) भरना होगा.

ऑपरेटर द्वारा पेमेंट प्रमाणीकरण

आप जो भी प्रोडक्ट या सर्विस ले रहे हैं तो आपके द्वारा दी गयी जानकारी को ऑपरेटर द्वारा पेमेंट प्रमाणीकरण का प्रोसेस किया जाता है.

 विक्रेता के एकाउंट में पेमेंट

कस्टमर अपने किसी बैंक से ही ऑनलाइन पेमेंट प्रोवाइडर का पेमेंट करता है और उसके बाद इसे मर्चेंट के अकाउंट में ट्रांसफर किया जाता है.

इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट करने के लिए ज्यादातर किसका यूज किया जाता है.

इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट करने के लिए ज्यादातर क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, स्मार्ट कार्ड, ई- वॉलेट, नेटबैंकिंग आदि का यूज किया जाता है.

क्रेडिट कार्ड

जब कोई व्यक्ति प्रोडक्ट खरीदता है तो क्रेडिट कार्ड जारीकर्ता बैंक ग्राहक की तरफ से पेमेंट करता है जिसे ग्राहक एक निश्चित समय में पेमेंट कर पाता है.

डेबिट कार्ड

डेबिट कार्ड में तुरन्त कार्ड के बैंक अकाउंट से पेमेंट किया जा सकता है लेकिन इसके लिए आपके अकाउंट में पर्याप्त शेषराशि  होना जरूरी है लेकिन क्रेडिट कार्ड में ऐसा कुछ नही होता है.

स्मार्ट कार्ड

स्मार्ट कार्ड क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड के जैसा ही होता है लेकिन इसमें एक माइक्रोप्रोसेसर चिप लगी होती है जिसमे इसकी क्षमता के हिसाब से डाटा स्टोर को एन्क्रिप्टेड फॉर्म में स्टोर किया जाता है. इसका यूज पैसे स्टोर करने के लिए भी किया जाता है और ट्रांजेक्शन करने के बाद इसमें से अमाउंट कटा दी जाती है. स्मार्ट कार्ड को सिर्फ उसकी पिन का यूज करके ही एक्सेस कर सकते हैं जो कस्टमर को दिया गया होता है.

ई-वॉलेट

ये एक ऐसा प्रीपेड अकाउंट होता है जो कस्टमर को सिक्योर कई क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और अकाउंट नंबर स्टोर करने की फैसिलिटी देता है.

नेटबैंकिंग

नेटबैंकिंग का यूज करने वाले व्यक्ति को कार्ड रखने की जरूरत नही होती है लेकिन नेट बैंकिंग फीचर के लिए अपने बैंक के साथ रजिस्ट्रेशन करने की जरूरत होती है प्रोडक्ट और सर्विसेज लेने के बाद आपको पेमेंट करने के लिए पेमेंट आईडी और पासवर्ड डालना होता है.

इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के फायदे क्या है?

  1. इसका यूज करके कोई भी ग्राहक कही भी और कभी सामान को खरीद कर पेमेंट कर सकता है इसके लिए सिर्फ इन्टरनेट और किसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जरूरत होती है.
  2. इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट का यूज करना बहुत आसान होता है.
  3. इसका यूज होने के कारण कैश की जरूरत नही होती है आप अपने बैंक से ही पेमेंट कर सकते हैं.
  4. इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम होने के कारण ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचा जाता है जिससे ज्यादा बिक्री होती है.
  5. पेमेंट प्रोवाइडर और पेमेंट गेटवे ट्रांजेक्शन को ट्रस्टेड बनाने के लिए ज्यादा सिक्योरिटी और एंटी-फ्रॉड टूल भी प्रोवाइड करते है.

इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के नुकसान क्या है?

  1. इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट में फ्रॉड बढ़ता ही जा रहा है तो ऐसे में अगर आप सिक्योरिटी रूल्स को नही फॉलो करते है आपके लिए बहुत बड़ी समस्या आ सकती है.
  2. अगर आपके सिस्टम में इन्टरनेट नही है तो आप पेमेंट नही कर पाएंगे.

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आज आपने क्या सीखा?

हम आशा करते हैं कि हमारी ये (Electronic payment system kya hai) जानकारी आपको पसंद आई होगी और आपके लिए यूजफुल भी होगी, इसमें हमने आपको इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम से रिलेटेड पूरी जानकारी दी है जैसे- इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम क्या है? आपको इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम के बारे क्यों जानना चाहिए? इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम कैसे काम करती है इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम का प्रोसेस क्या होता है? इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के फायदे क्या है? इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के नुकसान क्या है? आदि.

हमारी ये (Electronic payment system kya hai) जानकारी आपको कैसी लगी कमेंट करके जरुर बताइए और ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर भी कीजिये.

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