E-Governance क्या है? | E-Governance के लाभ क्या है?

E-Governance kya hai in hindi- ई-गवर्नेंस यूपी पीसीएस मेन्स एग्जाम का जनरल नॉलेज का दूसरा क्वेश्चन पेपर का मुख्य टॉपिक है इसीलिए आज इस आर्टिकल में हम आपको ई-गवर्नेंस के बारे में बतायेंगे कि ई-गवर्नेंस क्या होता है इसके फायदे और नुकसान क्या है? और इससे रिलेटेड पूरी जानकारी देंगे.

E-Governance क्या है? (What is E-Governance in hindi)

सभी सरकारी कामों को ऑनलाइन सेवाओं के द्वारा नागरिकों तक आसानी से पहुंचाना, ई-गवर्नेंस कहलाता है. भारत सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक विभाग की स्थापना साल 1970 में की थी और 1977 में नेशनल इन्फ्रामेटिक्स सेंटर की स्थापना ई-शासन की ओर पहला कदम था.

E-Governance kya hai in hindi
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ई-गवर्नेंस एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमे सूचना प्रौद्योगिकी साधनों, इलेक्ट्रोनिक कंप्यूटर आदि के माध्यम से समाज के अलग-अलग पक्षों को नियमित, निर्देशित और समन्वित करने के प्रोसेस में इनफार्मेशन सिस्टम का यूज किया जाता है. ई-गवर्नेंस के द्वारा एफिशिएंसी, एम्पावरमेंट (सशक्तिकरण), इफेक्टिवनेस (प्रभावशीलता), इकॉनोमिक एंड सोशल डेवलपमेंट (लोगों का आर्थिक और सामाजिक विकास होता है) और एन्हांस सर्विस को प्राप्त करने का प्रयास किया जाता है.

ई-गवर्नेंस का मुख्य पर्पस नेशनल, स्टेट और लोकल लेवल पर गवर्नमेंट, सिटीजन और बिज़नेसेस जैसे सभी कामो को सिम्पलीफाई करना होता है.

ई-गवर्नेंस के द्वारा कौन-कौन से काम किये जा सकते है?

  1. इसके द्वारा आप ऑनलाइन बैंकिंग सर्विस ले सकते हैं.
  2. GST से रिलेटेड सभी काम ऑनलाइन कर सकते हैं.
  3. आप पानी, बिजली, टेलीफोन जैसे सभी बिल को ऑनलाइन भर सकते हैं.
  4. पैन कार्ड, आधार कार्ड, राशन कार्ड, पासपोर्ट, जाति प्रमाण पत्र का बनवा सकते हैं.
  5. आप आयकर रिटर्न फाइलिंग के सभी काम ऑनलाइन कर सकते हैं.
  6. बस, ट्रेन और एयरप्लेन की टिकेट ऑनलाइन बुक कर सकते हैं.

ई-गवर्नेंस कितने तरह के होते है?

ई-गवर्नेंस 5 तरह के होते है –

G to G (Government to Government)

जब सूचनाओं और सेवाओं का आदान-प्रदान गवर्नमेंट कर द्वारा होता है तो उसे गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट इंटरैक्शन कहा जाता है. ये सरकारी सस्थाओं, राष्ट्रीय या स्थानीय सरकारी सस्थाओं के बीच काम करता है.

G to C (Government to Citizen)

गवर्नमेंट और आम नागरिकों के बीच बातचीत होती है तो उसे गवर्नमेंट टू सिटीजन कहा जाता है. इससे नागरिक विभिन्न तरह की सार्वजनिक सर्विसेज तक पहुँच सकते हैं.

G to B (Government to Business)

गवर्नमेंट टू बिज़नेस में बिज़नेस मैन व्यक्ति को सरकार के साथ सहज तरीके से बातचीत करने में मदद है. इसका उद्देश्य बिज़नेस के माहौल में और सरकार के साथ बातचीत करते समय पारदर्शिता स्थापित करना होता है.

G to E (Government to Employee)

किसी भी देश की सरकार उस देश के लिए सबसे बड़ी एन्प्लोयर (नियोक्ता) होती है और इसीलिए वो एक नियमित बेस पर कर्मचारियों के साथ काम करती है. इसकी मदद से सरकार और कर्मचारियों के बीच में तेजी से सम्पर्क बनता है और उनके लाभ को बढ़ाता है.

C to C (Citizen to Citizen)

इसमें सिटीजन टू सिटीजन बातचीत होती है इससे बिज़नेस में भी लाभ मिलता है.

ई-गवर्नेंस की विशेषतायें क्या है?

  1. ई-गवर्नेंस से प्रशासनिक नेतृत्व एवं प्रौद्योगिकी का एकीकरण होता है क्युकी सर्विसेज प्रौद्योगिकी और टेक्नोलॉजी के माध्यम से दी जाती है
  2. इसमें विश्वसनीयता होती है.
  3. सरकारी विभागों एवं अभिकरणों से रिलेटेड इनफार्मेशन इंटरनेट और इंट्रानेट दोनों पर उपलब्ध होती है और सरकार द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी की आधुनिक टेक्नोलॉजी का प्रशासनिक कार्यों में इस्तेमाल किया जाता है.
  4. अनावश्यक कागजी कार्यवाही और देरी में रोक भी लगती है. जैसे अगर किसी काम को करने के लिए कार्यालयों में जानबूझ कर देर लगती है और कोई जिस कागजी कार्यवाही की जरूरत नही है उसे भी कराया जा रहा है तो उस पर भी रोप लगाई जाती है.
  5. किसी भी काम को समय बद्ध तरीके से पूरा किया जाता है.

ई-गवर्नेंस के लाभ क्या है?

  1. ये सभी नागरिकों के लिए सुलभ और कम खर्चीला है.
  2. इससे बिना समय और पैसा खर्च किये नई अपडेट मिलती रहती है.
  3. इसमें पारदर्शिता रहती है, उत्तरदायित्व भी बन रहता है और सरकारी सेवक की जवाबदेही भी तय होती है.
  4. इससे सभी नागरिकों को विकासपरक योजनाओं के बारे में पूरी जानकारी मिल जाती है.
  5. इससे आप किसी भी काम के लिए आसानी से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं और आपके जो भी डॉक्यूमेंट होंगे वो आपको जल्दी मिल जायेंगे.
  6. शिकायतों का पंजीकरण और निस्तारण जल्दी हो जाता है.
  7. प्रबोधन, नियन्त्रण और नियमन की प्रक्रिया निर्धारित होती है.

ई-गवर्नेंस की समस्याएं कौन-कौन सी है?

  1. इसमें सभी कामों पर बहुत ज्यादा निगरानी रहती है. सरकार के साथ इलेक्ट्रॉनिक रूप से कनेक्ट रहने से और इलेक्ट्रॉनिक रूप से ज्यादा इनफार्मेशन को आदानप्रदान करने से दिक्कत हो सकती है इसीलिए इस पर ज्यादा निगरानी की जरूरत होती है.
  2. इसमें लगने वाली प्रौद्योगिकी में ज्यादा लागत लगती है.
  3. सभी की पहुँच में न होना. जिन लोगों के पास इन्टरनेट नही है या टेक्नोलॉजी और प्रौद्योगिकी के बारे में नही जानते है.
  4. ई-गवर्नेंस के लिए यूज होने वाले तकनीकी उपकरणों (कंप्यूटर, इन्टरनेट, सीसीटीवी, ट्रैकिंग तंत्र, टीवी और रेडियो आदि जैसी चीजें) का यूज किया जाता है.
  5. ई-गवर्नेंस में यूज किये जाने वाले उपकरणों के रखरखाव में दिक्कत होती है.
  6. इसमें शिक्षा का स्तर बहुत बाधक है इसीलिए ये एक बड़ी समस्या है क्युकी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चलाने के बारे में जानकारी होना बहुत जरूरी है.

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आज आपने क्या सीखा?

हमे उम्मीद है कि हमारा ये (E-Governance kya hai in hindi) आर्टिकल आपको काफी पसंद आया होगा और आपके लिए काफी यूजफुल भी होगा इसमें हमने आपको ई-गवर्नेंस के बारे में पूरी जानकारी दी है जैसे- ई-गवर्नेंस क्या है? ई-गवर्नेंस के द्वारा कौन-कौन से काम किये जा सकते है? ई-गवर्नेंस कितने तरह के होते है? ई-गवर्नेंस की विशेषतायें क्या है? ई-गवर्नेंस के लाभ क्या है? ई-गवर्नेंस की समस्याएं कौन-कौन सी है?

हमारी ये (E-Governance kya hai in hindi) जानकारी आपको कैसी लगी कमेंट करके बताइए और जो लोग इसके बारे में जानना चाहते हैं उनके साथ भी जरुर शेयर कीजिये.

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