डीएम बनने के लिए फिजिकल और मेडिकल में क्या किया जाता है?

DM Banne ke liye physical aur medical me kya kiya jata hai in hindi-आप में से बहुत से स्टूडेंट डीएम बनना चाहते होंगे लेकिन वो जानना चाहते हैं कि डीएम बनने के लिए फिजिकल और मेडिकल में होता है तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको डीएम बनने के लिए फिजिकल और मेडिकल के  बारे में पूरी जानकारी देंगे.

आईएएस से डीएम कैसे बनते हैं?

DM Banne ke liye physical aur medical me kya kiya jata hai in hindi
Image Credit: Shutterstock

डीएम एक प्रमोशन पद होता है इसके लिए कोई डायरेक्ट भर्ती नही होती है आइएएस के लिए यूपीएससी का सिविल सर्विस एग्जाम देना होता है, एग्जाम क्लियर करने के बाद सिलेक्टेड कैंडिडेट को लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकैडमी ऑफ़ एडमिनिस्ट्रेशन मसूरी में 2 साल की ट्रेनिंग करनी होती है जिसके बाद कैंडिडेट को अलग-अलग डिपार्टमेंट में 2 साल और ट्रेनिंग करनी होती है इस पूरे प्रोसेस मतलब 4 साल के बाद उन्हें किसी जिले में एसडीएम या एसडीओ के पद पर नियुक्त कर दिया जाता है.

जिसके 4 साल के बाद उन्हें एडीएम का पद दे दिया जाता है और उन्हें एडीएम के पद पर लगभग 4 से 5 साल काम करने के बाद उनका प्रमोशन डीएम के पद पर कर दिया जाता है.

आइएएस बनने के लिए फिजिकल रिक्वायरमेंट्स क्या होती है?

हाइट कितनी होनी चाहिए

आईएएस ऑफिसर बनने के लिए पुरुष कैंडिडेट की हाइट 165cm और महिला कैंडिडेट के लिए हाइट 150cm होनी चाहिए, जिसमे एसटी कैंडिडेट को 5 साल का रिलेक्सेशन दिया जाता है.

चेस्ट कितना होना चाहिए

पुरुष कैंडिडेट का चेस्ट 84cm और महिला कैंडिडेट का चेस्ट 79cm होना चाहिए, जिसमे 5cm का फुलाव आना चाहिए.

बॉडी मास इंडेक्स 

इसमें बॉडी मास इंडेक्स भी चेक किया जाता है जिसमे कैंडिडेट के हाइट और वेट के अनुसार होना चाहिए.

इसका फार्मूला होता है- वेट(kg)/[हाइट(m)]2

डीएम बनने के लिए मेडिकल टेस्ट कैसे होता है?

मेडिकल के लिए यूपीएससी द्वारा चुने गये कुछ हॉस्पिटल्स में डॉक्टरों की एक टीम कैंडिडेट का मेडिकल टेस्ट लेती है, इसमें ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, ब्लड प्रेशर चेक किया जाता है जिससे ये पता चल सके कि आपको किसी भी तरह की कोई बीमारी नही है. इसमें चेस्ट का X-Ray भी लिया जाता है, आँखों का टेस्ट लिया जाता है जिससे विज़न पता लगाया जाता है और अगर कैंडिडेट को चश्मा लगता है तो उसका नंबर क्या है कलर ब्लाइंडनेस टेस्ट, फ्लैट फीट टेस्ट भी होता है. अगर कैंडिडेट मेडिकल में अनफिट होता है तो उसे कुछ महीनों का समय दे दिया जाता है जिसके बाद दिए गये समय पर कैंडिडेट अपना मेडिकल टेस्ट करवा सकता है.

अगर कैंडिडेट की हाइट और चेस्ट में कोई कमी पाई जाती है तो उन्हें दूसरी नॉन-टेक्निकल जॉब्स दे दी जाती है.

इसे भी पढ़ें?

पुलिस कांस्टेबल से दरोगा कैसे बनते हैं?

DM कैसे बने पूरी जानकारी जानिए हिंदी में | What is dm in hindi

SHO कैसे बने? | SHO का सिलेक्शन प्रोसेस क्या है?

आज आपने क्या सीखा?

दोस्तों, हम आशा करते हैं कि हमारी ये (DM Banne ke liye physical aur medical me kya kiya jata hai in hindi) इनफार्मेशन आपके लिए काफी फायदेमंद होगी इसमें हमने आपको डीएम बनने के लिए फिजिकल और मेडिकल के बारे में पूरी जानकारी दी है, हमारी ये जानकारी आपको किसी लगी कमेंट करके जरुर बताइयेगा और जो लोग इसके बारे में जानना चाहते हैं उनके साथ भी जरुर शेयर कीजियेगा.

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published.