Digital Signature क्या है? | डिजिटल सिग्नेचर को कैसे रजिस्टर करें?

Digital Signature kya hai

दोस्तों, डिजिटल सिग्नेचर का काम बहुत से कामों में किया जाता है जैसे- किसी दस्तावेज को प्रमाणित करने के लिए भी आप डिजिटल सिग्नेचर का इस्तेमाल कर सकते हैं, कुछ स्टूडेंट्स को इसके बारे में जानकारी होगी लेकिन कुछ स्टूडेंट्स को डिजिटल सिग्नेचर के बारे में जानकारी नही होगी इसीलिए आज इस आर्टिकल में हम आपको डिजिटल सिग्नेचर से रिलेटेड पूरी इन्फॉर्मेशन देंगे जैसे- डिजिटल सिग्नेचर क्या होता है और कैसे काम करता है, इसके फायदे क्या है आदि. जो स्टूडेंट्स इसके बारे में पूरी जानकारी चाहते है वो हमारे इस आर्टिकल को पूरा जरुर पढ़े.

Digital Signature kya hai
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Digital Signature क्या है (What is digital Signature in Hindi)

Digital Signature को हिंदी में डिजिटल हस्ताक्षर भी कहा जाता है डिजिटल सिग्नेचर किसी व्यक्ति के हस्ताक्षर का एक इलेक्ट्रानिक रूप होता है इसका यूज किसी भी डॉक्यूमेंट को सर्टिफाइड करने के लिए किया जा सकता है और ये सर्टिफिकेट कंट्रोलर ऑफ सर्टिफाइंग अथॉरिटीज द्वारा स्वीकृत सर्टिफाइंग अथॉरिटी द्वारा जारी किया जाता है.

डिजिटल सर्टिफिकेट एक तरह से ‘यूएसबी टोकन’ के रूप में आता है और यह सर्टिफिकेट एक या दो साल के लिए मान्य रहता है इसकी मान्यता समाप्त होने के बाद इसे रिन्यू करवाया जा सकता है.

डिजिटल सिग्नेचर कैसे काम करता है?

डिजिटल हस्ताक्षर, हाथों से किये गये हस्ताक्षर की तरह ही हर हस्ताक्षरकर्ता के लिए unique होता हैं जब कोई व्यक्ति इलेक्टॉनिक रूप से किसी दस्तावेज पर सिग्नेचर करता है तो हस्ताक्षर करने वाले व्यक्ति की private key का उपयोग करके हस्ताक्षर बनाये जाते है जिसे हस्ताक्षरकर्ता द्वारा हमेशा सुरक्षित करके रखा जाता है.

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मैथमेटिकल अल्गोरिथम एक Cipher की तरह काम करता है, signed दस्तावेज से ही मिलता जुलता डेटा बनाता है जिसे Hash कहते है और फिर उस डेटा को एन्क्रिप्ट करता है और फिर रिजल्ट के रूप में डिजिटल हस्ताक्षर होते है. हस्ताक्षर उस समय के साथ भी मार्क किया जाता है जब डॉक्यूमेंट पर हस्ताक्षर किए गए थे क्युकी अगर बाद में डॉक्यूमेंट बदला जाये तो ये डिजिटल सिग्नेचर अमान्य हो जाते है.

डिजिटल हस्ताक्षर के गुण क्या है?

एक डिजिटल हस्ताक्षर में ये सभी गुण होने चाहिए-

  • डिजिटल हस्ताक्षर प्रामाणिक होना चाहिए
  • यह अक्षम्य होना चाहिए
  • डिजिटल हस्ताक्षर परिवर्तनशील नहीं होता है.
  • ये रियूसबल नहीं होना चाहिए

डिजिटल हस्ताक्षर के तीन तरह के होते है?

डिजिटल हस्ताक्षर के तीन प्रकार होते है-

  • Simple
  • Basic
  • Advanced

Simple ये सामान्य व्यक्तियों या निजी कामों के लिए जारी किया जाता है इसका इस्तेमाल कम पैसों के लेनदेन में किया जाता है इसमें किसी आइडेंटिटी प्रूफ की जरूरत होती है.

Basic – बेसिक डिजिटल सिग्नेचर का यूज अलग-अलग तरह के सरकारी संस्थानों में दस्तावेज फाइल करने के लिए किया जाता है जैसे – कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय, आयकर विभाग आदि. आयकर रिटर्न के लिए इस सिग्नेचर का ही इस्तेमाल कर सकते है.
Advanced एडवांस्ड सिग्नेचर का यूज बैंक, सड़क परिवाहन प्राधिकरण, रेलवे, बिजली बोर्ड जैसे सरकारी विभागों ई-नीलामी या ई-टेंडरिंग के लिए किया जाता है.

डिजिटल सिग्नेचर बनवाने के लिये कौन-कौन से डॉक्यूमेंट की जरूरत होती है?

डिजिटल सिग्नेचर बनवाने के लिए आपको इन सभी डाक्यूमेंट्स की जरूरत होगी

  • आधार कार्ड,
  • पैन कार्ड,
  • जन्म प्रमाणपत्र,
  • पासपोर्ट साइज फ़ोटो,
  • मोबाइल नंबर,
  • हस्ताक्षर
  • बिजनेस लाइसेंस आदि

अगर आपके पास ये सभी डाक्यूमेंट्स होंगे तभी आपका डिजिटल सिग्नेचर बनवा सकते है इसके अलावा डिजिटल सिग्नेचर बनवाने के लिए आपको डिजिटल सिग्नेचर कम्पनी को रेजिस्ट्रेशन फीस भी देनी पड़ेगी जिससे आपके द्वारा दी गयी सभी पर्सनल डिटेल्स सेफ रहें.

डिजिटल सिग्नेचर को कैसे रजिस्टर करें – 

डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट को आयकर विभाग की वेबसाइट पर रजिस्टर करना होता है आप इस तरह से डिजिटल सिग्नेचर को रजिस्टर कर सकते है – 

  • सबसे पहले आपको https://www.incometax.gov.in/iec/foportal/ पर जाना है और अपना रजिस्टर्ड पैन कार्ड तथा पासवर्ड से लॉगिन करना है.
  • उसके बाद मेन मीनू से प्रोफाइल सेटिंग्स में जाना है और फिर रजिस्टर डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट पर क्लिक करना है.
  • उसके बाद आपके सामने एक पेज ओपन होगा और उस पेज पर दिए गए लिंक से डीएससी मैनेजमेंट यूटीलिटी को डाउनलोड करना है और फिर जिप फोल्डर से अलग करके डीएससी मैनेजमेंट यूटीलिटी को खोलना है.
  • डीएससी मैनेजमेंट यूटीलिटी में डिजिटल सिग्नेटर का यज करके दूसरे टैब ‘रजिस्टर/रिसेट पासवर्ड’ में जाना है.
  • उसके बादकम्प्यूटर या लैपटॉप के यूएसबी पोर्ट में डीएससी यूएसबी टोकन लगाना है. 
    टोकन लगाने के बाद ई-फाइलिंग में पंजीकृत यूजर आईडी और पैन नंबर इंटर करना है.
  • डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट के प्रकार को चुनना है और सिग्नेचर फाइल जनरेट करना है.
  • सिग्नेचर फाइल जनरेट करने के बाद फिर से ई-फाइलिंग पोर्टल में दोबारा जाना है और रजिस्टर डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट के पेज पर इसके पहले के स्टेप में जनरेट की गई सिग्नेचर फाइल अटैच करना है और फिर इसे सबमिट कर देना है.

डीएससी का रजिस्ट्रेशन होने पर एक कन्फर्मेशन ईमेल आपके पंजीकृत ईमेल आईडी पर भेजी जाती है जिससे आपको सारी डिटेल्स मिल जाये और आप डिटेल्स चेक कर सकें. डिजिटल सिग्नेचर के बाद अब आईटीआर को वैरीफाई करने का प्रोसेस किया जाता है.

  1. आपको ई-फाइलिंग पोर्टल से नई डीएससी मैनेजमेंट यूटीलिटी को डाउनलोड करना है उसके बाद जिप फोल्डर से निकाल कर यूटीलिटी को ओपन करना है.
  2. अब तीसरे टैब अपलोड एक्सएमएल को सेलेक्ट करना है और एक्सेल या जावा रिटर्न फाइलिंग यूटीलिटी से जनरेट की गई एक्सएमएल फाइल को ब्राउज करना है अगर रिटर्न ऑनलाइन ई-फाइलिंग एकाउंट से तैयार किया जा रहा है तो आपको चौथे टैब ‘सब्मिट आईटीआर/फार्म ऑनलाइन’ का उपयोग करना है.
  3. डीएससी (यूएसबी टोकन) के किसी एक प्रकार को चुनना और सिग्नेचर फाइल को जनरेट करना है.
  4. अब आपको ई-फाइलिंग वेबसाइट पर दोबारा जाना है आईटीआर एक्सएमएल फाइल को अपलोड करते समय डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट के रेडियो बटन को दबाना है.
  5. और ई-फाइलिंग के समय एक्सएमएल फाइल के साथ सिग्नेचर को अपलोड कर देना है.

डिजिटल हस्ताक्षर के फायदे क्या है?

डिजिटल सिग्नेचर के कई फायदे होते है-

  • आज के समय मे कंपनी की इन्फॉर्मेशन के लिए E-Filling की जरूरत होती हैं.
  • कॉन्ट्रैक्ट व एग्रीमेंट के लिए भी डिजिटल सिग्नेचर की जरूरत पड़ती है.
  • गवर्नमेंट टेंडर के लिए ऑनलाइन आवेदन करने लिए डिजिटल सिग्नेचर की जरूरत पड़ती है.
  • Income Tax Return की E-Filling के लिए भी डिजिटल सिग्नेचर की जरूरत होती है.
  • कोई भी ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए डिजिटल सिग्नेचर की जरूरत होती हैं.
  • कॉपीराइट व ट्रेडमार्क एप्पलीकेशन में अप्लाई करने के लिए डिजिटल सिग्नेचर की जरूरत होती है.
  • अगर आप कही जॉब करना चाहते है तो जॉब के लिए ऑनलाइन रिज्यूम आवेदन करने पर उसका वेरिफिकेशन भी डिजिटल सिग्नेचर के द्वारा किया जाता हैं.
  • डिजिटल सिग्नेचर चार्टेड एकाउंटेंट द्वारा E-Attention जारी करने में सहायक होता हैं.

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आज आपने क्या सीखा?  

दोस्तों हम उम्मीद करते है कि हमारा ये (Digital Signature kya hai)आर्टिकल आपको काफी पसंद आया होगा और आपके लिए काफी हेल्पफुल भी होगा क्युकी इसमें हमने आपको डिजिटल सिग्नेचर के बारे में पूरी जानकारी दी है

हमारी ये (Digital Signature kya hai) जानकारी आपको कैसी लगी कमेंट करके जरुर बताइयेगा और ज्यादा से ज्यादा लोगो के साथ भी जरुर शेयर कीजियेगा.

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