कंप्यूटर क्या है? | कंप्यूटर कितने प्रकार के होते है?

Computer kya hai in hindi- आज के समय में ज्यादातर लोग अपने काम को करने के लिए कंप्यूटर का यूज करते हैं कंप्यूटर आज हमारे जीवन में बहुत ही इम्पोर्टेन्ट हो गया है इसीलिए आज हम आपको कंप्यूटर से रिलेटेड पूरी जानकारी देंगे.

कंप्यूटर क्या है? (What is Computer in hindi)

कंप्यूटर शब्द की उत्पत्ति अंग्रेजी के COMPUTE शब्द से हुई है जिसका अर्थ है “गणना करना”. COMPUTER का पूरा नाम Common Operating Machine Particularly Used in Technology Education and Research है. कंप्यूटर एक ऐसी मशीन है जो तय किये गये इंस्ट्रक्शन्स के आधार पर कार्य को पूरा करती है.

computer kya hai in hindi
Image Credit: Shutterstock

ये एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक यंत्र है जिसे जानकारी के साथ काम करने के लिए बनाया गया है. लेकिन वर्तमान में इसका काम सिर्फ गणना करना नही है बाकि और भी बहुत सारे क्षेत्रों में इसका यूज किया जाता है. कंप्यूटर यूजर द्वारा इनपुट किये गये डाटा को प्रोसेस करके रिजल्ट को आउटपुट के रूप में प्रदान करता हैं.

कंप्यूटर का अविष्कार कब और किसने किया?

चार्ल्स बैबेज (Charles babbage) को कंप्यूटर का पिता कहा जाता है. चार्ल्स बैबेज ने सन् 1822 में एक मशीन का निर्माण किया था जिसका नाम “Difference Engine” रखा था. इसकी मदद से बीजगणितीय अंको कू गणना 20 अंको तक शुद्धता से की जा सकती थी. चार्ल्स बैबेज द्वारा बनाये गये Difference Engine से ही आधुनिक युग के कंप्यूटर्स की शुरुआत मानी जाती है.

कंप्यूटर कितने तरह के होते है?

कार्यप्रणाली के आधार पर कंप्यूटर को तीन भागों में बांटा गया है-

एनालॉग कंप्यूटर

ये वो कंप्यूटर होते है जो भौतिक मात्राओं (जैसे- दाब, तापमान, लम्बाई, ऊंचाई आदि) को मापकर उनके परिमाप को अंको में व्यक्त करते हैं. ये कंप्यूटर किसी भी राशि का परिमाप तुलना के आधार पर करते हैं. जैसे- थर्मामीटर.

डिजिटल कंप्यूटर

Digit का अर्थ होता है ‘अंक’. ये वो कंप्यूटर होते हैं जो अंको की गणना करते हैं. इस कंप्यूटर से बिज़नेस को चलाया जाता है, घर का बजट तैयार किया जाता है. इस प्रकार का कंप्यूटर किसी भी चीज की गणना करके “How many” (मात्रा में कितना) के आधार पर प्रश्न का उत्तर देते हैं.

डिजिटल कंप्यूटर के प्रकार

डिजिटल कंप्यूटर को निम्न दो आधारों पर वर्गीकृत किया जा सकता है-

साइज़ और परफॉरमेंस कर आधार पर

साइज़ और परफॉरमेंस के आधार पर डिजिटल कंप्यूटर 4 तरह के होते हैं-

सुपर कंप्यूटर

ये कंप्यूटर साइज़ के सबसे बड़े पर बहुत ही शक्तिशाली होते हैं. ये कंप्यूटर सबसे ज्यादा स्पीड वाले और ज्यादा स्टोरेज क्षमता वाले होते हैं इसमें एक से अधिक माइक्रोप्रोसेसर का यूज किया जा सकता है और इस कंप्यूटर पर एक साथ एक से अधिक व्यक्ति काम कर सकते हैं. ये कंप्यूटर सबसे महंगे और आकार से बहुत बड़े होते हैं. ये कंप्यूटर एक सेकंड में एक अरब गणनायें कर सकता है इसकी स्पीड को मेगा फ्लॉप से नापते हैं.

उदाहरण

तिअन्हे-1अ (एन यू डी टी), चीन

ब्लू जीन/एल सिस्टम (आईबीएम), यूएस

ब्लू/जीन/पी सिस्टम (आईबीएम), जर्मनी

सिलिकॉन ग्राफ़िक्स, न्यूमैक्सिको

एका, सीआरएल(आर्म ऑफ़ टाटा सन्स), भारत

एक हमारे भारत का सुपर कंप्यूटर है जो एक सेकंड में 117.9 ट्रिलियन (लाख करोड़) गणनायें कर सकता हैं. भारत का पहला सुपर कंप्यूटर “PARAM 8000” था.

मेनफ़्रेम कंप्यूटर

ये वे कंप्यूटर होते हैं जिनका यूज बड़े-बड़े संस्थान भारी-मात्रा में डाटा प्रोसेसिंग के लिए किया जाता है. इनका आकार भी बड़ा होता है और सुपर कंप्यूटर को छोड़कर अन्य कंप्यूटरों की तुलना में इनकी क्षमता बहुत अधिक होती है.

उदाहरण

IBM zSeries के System z9 और System z10 सर्वर

क्लियरपाथ लिब्रा ब्रांड और क्लियरपाथ डोरैडो

Hewlett-Packard का Fujitsu-ICL VME मेनफ्रेम कंप्यूटर

IBM RAMAC 305

मिनी कंप्यूटर

मेनफ्रेम कंप्यूटर से कम लेकिन माइक्रो कंप्यूटर से ज्यादा स्पीड व मेमोरी वाले कंप्यूटर मिनी कंप्यूटर होते है. इसमें एक से ज्यादा माइक्रोप्रोसेसर का यूज किया जा सकता हैं ये कंप्यूटर माइक्रो कंप्यूटर से महंगे होते हैं. मिनी कंप्यूट का यूज यातायात में यात्रियों के लिए आरक्षण प्रणाली का संचालन व बैंको के बैंकिंग कार्यो के लिए किया जाता था.

इन कंप्यूटर की स्टोरेज क्षमता अधिक होती है और ये आकार में छोटे होते है आज के समय में मिनी शब्द को हटा दिया गया है और उसे सर्वर में मर्ज कर दिया गया है. दुनिया का सबसे पहला मिनी कंप्यूटर सन् 1960 के लगभग IBM (International Business Machines Corporation) कम्पनी  के द्वारा बनाया गया था. पहले मिनी कंप्यूटर का नाम PDP-1 था.

उदाहरण

K-202

Texas Instrument TI-990

SDS-92

माइक्रो कंप्यूटर

इस कंप्यूटर को दो कारणों से माइक्रो कंप्यूटर कहा जाता है- पहला इस कंप्यूटर में माइक्रो प्रोसेसर का यूज किया जाता है दूसरा यह कंप्यूटर दूसरे कंप्यूटर की अपेक्षा आकार में सबसे छोटा होता है. माइक्रो कंप्यूटर आकार में इतना छोटा होता है कि इसको एक स्टडी टेबल या फिर के briefcase में आसानी से रखा जा सकता है, इस कंप्यूटर की कार्य प्रणाली बड़े कंप्यूटर के सामान ही होती है लेकिन इसक आकार उनकी तुलना में छोटा होता है. इस कंप्यूटर पर सामान्यत: एक समय में एक व्यक्ति ही काम कर सकता हैं. इसका यूज संचार, शिक्षा, मनोरंजन आदि जैसे कामों में किया जाता है.

उदाहरण

डेस्कटॉप कंप्यूटर्स

लैपटॉप कंप्यूटर्स

पर्सनल डिजिटल असिस्टेंट

टेबलेट्स

स्मार्ट-फोन्स

माइक्रो कंप्यूटर के प्रकार

इसमें माइक्रो कंप्यूटर भी पांच तरह के होते हैं-

डेस्कटॉप, लैपटॉप, पर्सनल डिजिटल असिस्टेंट, टेबलेट्स, और स्मार्ट फोन्स आदि.

उद्देश्य के आधार पर

उद्देश्य के आधार पर डिजिटल कंप्यूटर दो तरह के होते हैं-

स्पेशल पर्पस

ये ऐसे कंप्यूटर होते हैं जिन्हें किसी विशेष काम के लिए तैयार किया गया जाता है. इनके सीपीयू की क्षमता उस कार्य के अनुसार होती है जिसके लिए उन्हें बनाया गया होता है. जैसे- अन्तरिक्ष विज्ञान, उपग्रह संचालन, मौसम विज्ञान, अनुसंधान एवं शोध, यातायात नियंत्रण, और चिकित्सा आदि.

उदाहरण– सुपर कंप्यूटर्स, और मेनफ्रेम कंप्यूटर्स.

जनरल पर्पस

ये ऐसे कंप्यूटर होते हैं जिन्हें सामान्य उद्देश्य को पूरा करने के लिए बनाया गया है. इन कंप्यूटरों में अनेक तरह के कार्य करने की क्षमता होती है इनमे उपस्थित C.P.U. की क्षमता तथा कीमत कम होती है. इन कंप्यूटर्स का उपयोग सामान्य कार्यों को करने के लिए जैसे- लेटर तैयार करना,  डॉक्यूमेंट तैयार करना, डॉक्यूमेंट को प्रिंट करना, डेटाबेस तैयार करना और प्रेजेंटेशन तैयार करना, आदि के लिए किया जाता है.

उदाहरण– माइक्रो कंप्यूटर्स.

हाइब्रिड कंप्यूटर

हाइब्रिड (Computer kya hai in hindi) कंप्यूटर का अर्थ होता है दोनों गुणधर्मों वाला होना. जिसमे एनालॉग और डिजिटल दोनों कंप्यूटर के गुण होते हैं उन्हें हाइब्रिड कंप्यूटर कहा जाता है. जैसे- पेट्रोल पम्प की मशीन एक हाइब्रिड कंप्यूटर है.

कंप्यूटर की विशेषतायें क्या है?

कंप्यूटर की निम्न विशेषतायें हैं-

  1. शुद्धता (Accuracy)- अगर आप कंप्यूटर को सही इनपुट दे रहे हैं तो आपका आउटपुट एकदम सही होगा.
  2. गति (Speed)- कंप्यूटर बहुत ही उच्च गति पर डाटा को प्रोसेस करता है. कंप्यूटर डाटा की एक बड़ी मात्रा को प्रोसेस करने के लिए कुछ सेकंड का समय लेता है.
  3. हाई स्टोरेज कैपेसिटी कंप्यूटर की मेमोरी बहुत ही बड़ी होती है और एक बहुत ही कॉम्पैक्ट ढंग से डाटा को एक बड़ी मात्रा में स्टोर कर सकते है. कंप्यूटर में आप कोई भी इनफार्मेशन को लम्बे समय तक स्टोर करके रख सकते हैं.
  4. परिश्रमशीलता (Diligence)- एक मशीन होने के कारण, एक कंप्यूटर थकान, एकाग्रता की कमी और बोरियत से मुक्त होता है. कंप्यूटर जिस गति से पहली इंस्ट्रक्शन को संसाधित करता है उसी गति से आखिरी इंस्ट्रक्शन को संसाधित करने में सक्षम है.
  5. विविधता (Diversity)- कंप्यूटर का उपयोग तरह-तरह के कार्यों को करने के लिए किया जाता है.

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आज आपने क्या सीखा?

हम आशा करते हैं कि हमारा ये (Computer kya hai in hindi) आर्टिकल आपको काफी पसंद आया होगा इसमें हमने आपको कंप्यूटर के बारे में पूरी जानकारी दी है जैसे- कंप्यूटर क्या है? कंप्यूटर का अविष्कार कब और किसने किया? कंप्यूटर कितने तरह के होते हैं? और कंप्यूटर की विशेषतायें क्या है? आदि

हमारी ये (Computer kya hai in hindi) जानकारी आपको कैसी लगी कमेंट करके जरुर बताइयेगा और ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर कीजियेगा.

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