CMO कैसे बनें? | सीएमओ बनने के लिए योग्यता क्या होनी चाहिए?

CMO kaise bane in hindi- सीएमओ को चीफ मेडिकल ऑफिसर कहा जाता है आप में से बहुत से लोग सीएमओ के बारे में जानते होंगे लेकिन कुछ लोगो को इसके बारे में पूरी जानकारी नही होगी इसीलिए आज इस आर्टिकल में हम आपको सीएमओ बनने से रिलेटेड पूरी इनफार्मेशन देंगे.

CMO कौन होता है? (What is CMO in Hindi)

CMO kaise bane in hindi
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CMO का फुल फॉर्म चीफ मेडिकल ऑफिसर होता है और इसे मुख्य चिकित्सा अधिकारी भी कहा जाता है जिला स्तर पर मुख्य चिकित्सा सम्बन्धी गतिविधियों की निगरानी और इस विभाग से सम्बन्धित सभी कार्यों के लिए उत्तरदायी होता है. वह वरिष्ठ सरकारी अधिकारी होता है जो एक सरकारी अस्पताल के चिकित्सा विभाग का प्रमुख होता है. मुख्य चिकित्सा अधिकारी, वरिष्ठ चिकित्सक होता है, जो चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम का नेतृत्व और मार्गदर्शन करता है और सार्वजनिक स्वास्थ्य के सभी मामलों को भी देखता है.

सीएमओ बनने के लिए योग्यता क्या होनी चाहिए?

सीएमओ बनने के लिए कैंडिडेट का बायोलॉजी सब्जेक्ट से 12th क्लास पास होना जरूरी है और 12th में आपके 55% मार्क्स होने चाहिए आपकी इंग्लिश लैंग्वेज अच्छी होनी चाहिए और अगर आपने किसी भी सब्जेक्ट से ग्रेजुएशन किया है तो आप सीएमओ के लिए आवेदन कर सकते हैं.

सीएमओ बनने के लिए कैंडिडेट की ऐज 21 साल से 35 साल के बीच होनी चाहिए. एससी/एसटी कैंडिडेट को ऐज में 5 साल और ओबीसी को 3 साल की छूट दी जाती है.

सीएमओ बनने के लिए क्या करना होगा?

सीएमओ बनने के लिए आपको पब्लिक सर्विस कमीशन का एग्जाम देना होता है जो राज्य लोकसेवा आयोग द्वारा कंडक्ट की जाती है. इसमें आपका सबसे पहले प्री-एग्जाम होगा जिसमे आपके ऑब्जेक्टिव टाइप क्वेश्चन्स पूछे जाते हैं. उसके बाद रिटेन एग्जाम होता है जिसमे आपकी लिखित परीक्षा होती है और अगर आप इन एक्साम्स को क्लियर कर लेते हैं तो आपको इंटरव्यू के लिए बुलाया जायेगा और इन सभी प्रोसेस को पूरा करके आप सीएमओ बन सकते हैं.

सीएमओ के अधिकार और कर्तव्य क्या होते हैं?

  1. मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिलाधिकारी के साथ मिलकर टीम भावना के साथ जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए कार्य करता हैं.
  2. एक सीएमओ सर्कार में स्वास्थ्य मामलों का प्रमुख सलाहकार भी होता है.
  3. मुख्य चिकित्सा अधिकारी का पद चिकित्सा अधिकारीयों के पदानुक्रम में सबसे ऊँचा माना जाता है.
  4. वह प्रशिक्षण कार्यक्रमों, खाली पदों और चिकित्सालय के बजट का प्रबंधन भी करता है.
  5. चिकित्सकों और अस्पतालों के अन्य कर्मचारियों के बीच एक कड़ी के रूक में कार्य करता है.
  6. चिकित्सालय के निरीक्षण के समय अनुपस्थित पाए जाने पर चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों के वेतन पर रोक लगाता, स्थानान्तरण करता है और कारण कारण बताओ नोटिस भी जारी करता है.
  7. स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, राजस्व विभाग, विकास विभाग के कर्मचारियों को स्वास्थ्य सम्बन्धी सुरक्षात्मक उपाय बरतने के बारे में प्रशिक्षण भी दिलाता है.
  8. अपने क्षेत्र में सरकारी चिकित्सालयों के माध्यम से जनता को प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं के विकास समन्वय और समीक्षा का कार्य करता है.
  9. सीएमओ चिकित्सालय में भर्ती रोगियों की संख्या और उनके उपचार की व्यवस्था की जानकारी उपलब्ध करता है.
  10. चिकित्सकों की उपलब्धता के अनुसार उनके उपयोग की सभी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करता है.

सीएमओ की सैलरी कितनी होती है?

सीएमओ के पद पर काम करने वाले कैंडिडेट की स्टार्टिंग सैलरी 35,400 रूपये पर मंथ होती है आपकी ये सैलरी टाइम के अनुसार बढ़ती जाएगी.

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आज आपने क्या सीखा?

दोस्तों, हम उम्मीद करते हैं कि हमारा ये (CMO kaise bane in hindi) आर्टिकल आपके लिए काफी इंटरेस्टिंग होगा क्युकी आज इसमें हमने आपको सीएमओ बनने से रिलेटेड पूरी जानकारी दी है, हमारी ये जानकारी आपको कैसी लगी कमेंट करके जरुर बताइयेगा और जो लोग सीएमओ बनना चाहते हैं उनके साथ भी जरुर शेयर कीजियेगा.

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