सिगरेट पीने से क्या क्या प्रॉब्लम होता है? | ऐसे जान लेती है सिगरेट

cigarette peene se kya hota hai

दोस्तों आज के समय में ज्यादातर से लोग सिगरेट या कोई दूसरी नशीली चीज़ इस्तेमाल करते होंगे लेकिन क्या आपको इससे होने वाले नुकसान के बारे में पता है या फिर जो इन्सान इसको छोड़ने की कोशिश करता है तो व्यक्ति में किस तरह के बदलाव आते है अगर आपको इसके बारे में जानकारी नही है तो आप हमारे इस आर्टिकल को पूरा जरुर पढ़े क्युकी इसमें हमने आपको इससे होने वाले नुकसान और बदलाव के बारे में पूरी जानकरी दी है.

ऐसे जान लेती है सिगरेट

शौक के लिए सिगरेट पीने की शुरुआत करने वाले लोग इस नशीली चीज़ के इस तरह से आदी हो जाते हैं कि बिना सिगरेट पिए वे रह ही नही पाते है लेकिन अगर आप स्मोकिंग करना छोड़ देते है तो कुछ दिनों तक आपको अलग-अलग तरह की शरीरिक उत्तेजनाओं का अनुभव होता है ऐसे में अगर आप सिगरेट छोड़ना चाहते है तो आपकी बॉडी में किस तरह के बदलाव आते हैं दोस्तों अगर मान लीजिए कि ये आपकी सिगरेट पीने का आखिरी दिन है और आपने अपनी आखिरी सिगरेट पी ली है अब आपकी आखिरी सिगरेट के 20-30 मिनट बाद आपके ब्लड सर्कुलेशन में बढ़ोतरी होगी और साथ ही आपका ब्लड प्रेशर भी बढ़ जाएगा.

cigarette peene se kya hota hai

Cancer.org वेबसाइट का कहना है कि ऐसी स्थिति में आपकी नाड़ी का धड़कना कम हो जाएगा और आपके हाथ और पैर गर्म होना शुरू हो जाएंगे इसके बाद अब सिगरेट पीने के 8 घंटे बाद आपके खून में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ जाता है इसके अलावा आपके शरीर में मौजूद होने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस आपके ब्लड स्ट्रीम से क्लियर होने लगती है इससे खून में ऑक्सीजन की मात्रा नॉर्मल हो जाती है जिसकी वजह से ब्लड में ऑक्सीजन को कैर्री करने की कपैसिटी बढ़ जाती है.

अब अगर दिमाग के बारे में बात करें तो आपका दिमाग आपको सिगरेट की तरफ खींचता चला जाएगा क्योंकि जब इंसान सिगरेट पीता है तो उसमें मौजूद निकोटीन डोकोमेनट्रिस करता है ये एक ऐसा हार्मोन है जो आपको अच्छा महसूस कराता है जिससे इंसान काफी रिलैक्स महसूस करता है अब क्योंकि 8 घंटे से आपने सिगरेट नहीं पी है तो आपको विदड्रॉल सिम्पटम्स हो सकते हैं क्योंकि डबोमिंग की मात्रा कम हो चुकी है इसलिए इरिटेशन मूड स्विंग कमजोरी सोने में मुश्किल स्ट्रॉस और डिप्रेशन जैसे सिम्प्टम्स देखने को मिलते हैं. अगर आपने सिगरेट पीने की लत छोड़ दी तो ये सबसे बड़ा काम है जो आपने कर दिया है क्योंकि जैसे ही आपकी आखिरी सिगरेट को 24 घंटे होंगे आपके शरीर में और ज्यादा सकारात्मक बदलाव होने शुरू हो जाएंगे क्योंकि अब आपकी बॉडी टॉक्सिन्स को बाहर फेंकना शुरू कर देती है स्मोकिंग के दौरान फेफड़ों में जो टॉक्सिक जमा थे वो खासी के द्वारा बाहर निकलते हैं जिससे आपके फेफड़ों को आराम मिलेगा और आपको सांस लेने में ज्यादा आसानी होगी, इस सब चीज़े के बाद आपको ऐसा लग सकता है कि आपकी तबियत बिगड़ रही है लेकिन ऐसा इसीलिए होता है क्युकी आपके शरीर में सकारात्मक बदलाव हो रहे हैं.

सिगरेट छोड़ने के 48 घंटे बाद हमारे शरीर में डैमेज हुई रक्त कोशिकाएँ और नर्व लाइनिंग वापस से ग्रो करना शुरू कर देती हैं और टेस्ट और स्मेल में भी आपको अब दिक्कत नहीं होगी, दिमाग में डोकोमिन की मात्रा एकदम कम हो जाती है जिसकी वजह से उस डोकोमिन को पाने के लिए आपका दिमाग कुछ भी करने को तैयार हो जाता है इस बीच चक्कर उल्टी बॉडी में दर्द होना या फिर हाथ पैर कांपने जैसी चीजें हो सकती है लेकिन अगर आपने हिम्मत से काम लिया तो आपकी जिंदगी बदल जाएगी. अगर आपने बिना सिगरेट पिये एक महीने तक अपने आप को संभाल लिया तो आपका शरीर इतना नॉर्मल हो जाएगा कि स्मोकिंग से होने वाली घातक बीमारी हो जैसे- दिल से जुड़ी बीमारियाँ, डायबिटीज़ और फेफड़ो में कैंसर होने की संभावनायें बिलकुल ना के बराबर हो जाती है, सिगरेट छोड़ने के एक महीने बाद आप किसी फिजिकल एक्सरसाइज ऐक्टिविटी के वक्त जल्दी थक जाएंगे क्योंकि अभी आपके फेफड़े ठीक तरह से फ़ंक्शन नहीं कर पा रहे हैं लेकिन जब यह अच्छी तरह से फ़ंक्शन करने लगेंगे तो आपका स्टैमिना बढ़ जाएगा और अब आप पहले की तुलना में ज्यादा एनर्जेटिक और स्वस्थ महसूस करेंगे. ज्यादा स्मोकिंग करने वाले लोगों में कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा होने से डेड ब्लड सेल्स का आकार बढ़ जाता है जिसकी वजह से खून गाढ़ा हो जाता है ऐसे में ब्लड प्रेशर और ब्लड क्लॉटिंग होने के चान्सेस बढ़ जाते हैं और इसका परिणाम बहुत ही ज्यादा घातक होता हैं जिससे अगर आप बचना चाहते है आपको सिगरेट छोड़ना होगा.

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