चीनी मिल में चीनी कैसे बनती है? | शक्कर सफेद क्यों होती है?

Chini mill me chini kaise banti hai- आज के समय चीनी का यूज बहुत सी चीजों को बनाने में किया जाता है लेकिन क्या आपको पता है कि ये चीनी कैसे बनती है और कहाँ बनती है आप में से बहुत लोगों को नही पता होगा इसीलिये आज इस आर्टिकल में हम आपको इसके बारे में बतायेंगे.

चीनी कैसे बनती है?

इंडिया में चीनी सरकारी मिलों के अलावा कोल्हुओं पर भी बनाई जाती है चीनी बनाने का मुख्य काम प्राइवेट चीनी मिलों पर भी किया जाता है. किसानो के खेत से गन्ने को तौलकर चीनी मिलों पर पहुंचाया जाता है और नहर जैसी मशीन में गन्ना गिराया जाता है और उसमे से गन्ना कट कर आगे बढ़ता जाता है ट्रक या ट्रैक्टर का गन्ना जिस ऑटोमेटिक बेल्ट पर हैड्रोलिक मशीनों से गिराया जाता है वही से गन्ना कट कर छोटा होता हुआ कोल्हू तक चला जाता है. ज्यादातर चीनी मिलों में 3 या 5 कोल्हू एक लाइन में होते है जिनमे गन्ने से जूस निकलता है एक कोल्हू में लगभग 85% रस निकाला जाता है लेकिन गन्ने का पूरा रस निकालने के लिए इसे आगे गये कोल्हू में भेजा जाता है गन्ने का रस निकलने के साथ ही उसे भाप से गर्म भी किया जाता है.

Chini mill me chini kaise banti hai
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और बड़े-बड़े मैगनेट के द्वारा रस में मिले हुए लोहे जैसे पदार्थो को अलग किया जाता है शुरू में ही गन्ने के रस में भाप इसीलिए मिलाते है जिससे उसमे किसी भी तरह का फंगस न लगे और रस गाढ़ा हो जाये. ब्वाईलर से चीनी बनने तक रस का तापमान 60 से 110’C रखा जाता है. शहरों में चीनी मिल एक कालोनी के जैसे होती है जिसके एक भाग में किसानों के द्वारा लाये गये गन्ने को रखा जाता है और दूसरे भाग में कोल्हू टर्बाइन और स्टील ब्वाईलर होते हैं और तीसरे भाग में रस को फिल्टर करने का काम होता है और चौथे भाग में जूस को गाढ़ा होने और चीनी बनने और पैक करने का काम होता है.

कोल्हू से गर्म जूस चीनी बनाने वाले ब्वाईलर में आता है यहाँ पर इसमें चूना और सल्फर गैस मिलाई जाती है जिससे जूस गाढ़ा होने के साथ ही उसमे होने वाली गंदगी (जैसे- सीरा, मड इत्यादि) भी बाहर निकल जाये, इसके बाद उसे दाना बनने तक गाढ़ा किया जाता है जब ये लिक्विड गुड़ के जैसा हो जाता है तो इसे एक विशेष मशीन से चीनी बना दिया जाता है.

1 क्विंटल गन्ने से लगभग 10 से 12 किलो चीनी बनाई जा जाती है, इसमें निकलने वाले गन्ने का भूसा, सीरा और मड में वैल्यूऐड कर दूसरे उत्पाद बनाये जाते है. गन्ने से रस निकलने से चीनी बनने में लगभग 3 से 4 घंटे का समय लगता है. मिल में कई-कई ब्वाईलर यूनिट होती है जिनमे उत्पादन क्षमता के अनुसार लगातार काम होता रहता है. आज के समय में सभी कामो को मशीनों द्वारा किया जाता है, कोल्हू की रफ़्तार, भठ्ठी और ब्वाईलर के तापमान को भी कंप्यूटर के द्वारा कंट्रोल किया जाता है.

चीनी मिल में कितने तरह की चीनी बनाई जाती है?

चीनी मिल में 3 या 4 तरह की चीनी बनाई जाती है सबसे ज्यादा बिकने वाली चीनी मध्यम साइज़ की होती है इसीलिए मार्केट में इसकी मांग ज्यादा रहती है. खाने में इसी शक्कर का यूज किया जाता है मिल में शक्कर के अलावा और भी चीजें बनाई जाती है जिसमे गन्ने का निकला हुआ भूसा (बैगास) और सीरा मुख्य होता है. गन्ने से निकलने वाले भूसे को मिल की भठ्ठियों में यूज किया जाता है इसी से टर्बाइन को घुमाकर बिजली भी पैदा की जाती है और बाकि बचे भूसे को कागज बनाने वाली कंपनियों को बेच दिया जाता है और सीरा का यूज करके स्पिरिट और एथेनोल जैसी चीजें बनाई जाती है इसी एथेनोल को पेट्रोल में भी मिलाया जाता है.

शक्कर सफेद क्यों होती है?

गन्ने से शक्कर बनाने में शक्कर को सफेद करने के लिए हड्डियों के कोयले से प्रोसेस कराया जाता है अगर इस प्रोसेस को किया जाये तो चीनी सफेद और चमकदार नही होगी.

गन्ने से रस निकाला जाता है और उसे उबाला जाता है और उबलते समय समय केमिकल का यूज किया जाता है इस प्रोसेस के द्वारा गन्ने में होने वाले सभी विटामिन्स मिनरल्स को भी निकाल दिया जाता है और चीनी में सिर्फ ग्लूकोज रह जाता है उसके बाद इस चीनी को हड्डियों के कोयले से छाना जाता है और शक्कर तैयार हो जाती है. बहुत बार 1kg चीनी में सल्फर की मात्रा 50 से 70mg रह जाती है. इंडिया के अलावा कई देशों में सल्फर वाली चीनी बनाई जाती है यूरोप और अमेरिका में भारतीय चीनी को पसंद नही किया जाता है वहां पर चीनी में सल्फर की मात्रा 10 से 20mg प्रति किलो होती है.

चीनी में सल्फर क्यों हानिकारक है?

कई बार सल्फर की वजह से साँस लेने में दिक्कत होती है इससे छाती में जकड़न, छींक आना और गले में दर्द रहना जैसी दिक्कतें होती है चीनी खाने से डायबिटीज जैसी प्रॉब्लम भी हो जाती है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के हिसाब से एक दिन में एक व्यक्ति को 4 से 7 चम्मच चीनी का यूज करना चाहिए इससे ज्यादा चीनी खाना आपके लिए बहुत ही हानिकारक हो सकता है.

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आज आपने क्या सीखा?

हमारी ये (chini mill me chini kaise banti hai) जानकारी आपको काफी पसंद आई होगी और इसमें हमने आपको चीनी बनाने से रिलेटेड पूरी जानकारी दी है जैसे- चीनी कैसे बनती है? चीनी मिल में कितने तरह की चीनी बनाई जाती है? शक्कर सफेद क्यों होती है? और चीनी में सल्फर क्यों हानिकारक है? आदि.

हमारी ये (chini mill me chini kaise banti hai) जानकारी आपको कैसी लगी कमेंट करके जरुर बताइयेगा और ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर भी कीजियेगा.

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