चाइना में बनने वाले iphone फैक्ट्रीज में क्या होता है?

China me banane wale iphone factories me kya hota hai- आज बहुत लोग iphone का यूज करते हैं एप्पल के ज्यादातर प्रोडक्ट्स चाइना की फोक्सकॉन (Foxconn) फैक्ट्री से असेंबल होकर मैन्युफैक्चर होकर आते है. यहाँ पर हर रोज लगभग 5 लाख iphone प्रोड्यूस किये जाते हैं ये कंपनी इतनी बड़ी है कि इसे iphone city कहा जाता है.

चाइना में बनने वाले iphone फैक्ट्रीज में क्या होता है?

China me banane wale iphone factories me kya hota hai
Image Credit: Shutterstock

इस फैक्ट्री के चारों तरह सुसाइड प्रिवेंशन नेट बंधे है जिससे कोई वर्कर खिड़कियों से कूद कर सुसाइड न कर सके. लेकिन क्या आपको पता है कि उनके साथ ऐसा क्या होता है कि उन्हें सुसाइड करना पड़ सकता है. आप ही सोचिये एक बाथरुम को 200 लोगों के साथ शेयर करना हफ्ते में 6 दिन 12 घंटे काम करके साल में दो बार अपने परिवार से मिलना आपको कैसा लगेगा. सबसे ज्यादा सोचने वाली बात ये है कि इस तरह टॉर्चर होने के लिए खुद चाइनीज गवर्नमेंट 14 से 16 साल के बच्चों को भेजती है. आज इस आर्टिकल में हम आपको बतायेंगे कि चायनीज गवर्नमेंट खुद ऐसा क्यों कर रही है और इसके बारे में पूरी जानकारी देंगे.

फोक्सकॉन कंपनी कहाँ है और इसमें कैसे काम होता है?

फोक्सकॉन कंपनी चाइना की सबसे बड़ी प्राइवेट एम्प्लोयर कंपनी है जहाँ लगभग 13 लाख वर्कर काम करते हैं एप्पल और फोक्सकॉन के सम्बन्धो की शुरुआत साल 2000 में हुई थी लेकिन उससे पहले भी टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग की फील्ड में फोक्सकॉन आगे थी उस समय इसने BlackBerry, Nintendo, kindle, PlayStation और Nokia के प्रोडक्ट्स मैन्युफैक्चरिंग किये थे जिससे 2012 में दुनियाभर में बिके हुए सभी कंस्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स में से 40% प्रोडक्ट्स फोक्सकॉन के द्वारा बनाये हुए थे.

फोक्सकॉन कंपनी चाइना के Zhengzhou शहर में स्थित है. जब 2010 में ये फैक्ट्री बनना शुरू हुई तो गवर्नमेंट ने सभी लोकल किसानों को पैसे देकर उनसे उनकी जमीन खरीद ली. उस पुरे 3.5 किलोमीटर के एरिया को खरीदकर उसकी जगह पर फैक्ट्री बनाई गयी जिसमें सरकार ने 600 मिलियन डॉलर्स (4,500 करोड़ रूपये ) रूपये खर्च किये थे. आज के समय में भी वहां की सरकार फोक्सकॉन की मदद कर रही है सरकार ने फैक्ट्री के बाहर नये रोड्स बनवाए, पॉवर-प्लांट्स भी बंधे, इसके अलावा और भी बहुत सारे काम किये हैं. इन सब कामों के साथ ही सरकार लोगों को इस कम्पनी में भर्ती भी करवाती है और बोनस भी देती है. फोक्सकॉन के दिन में लगभग 5 लाख iphones बनाता है और जब हाई डिमांड सीजन होता है तो इसके प्रोडक्शन का काउंट दोगुना हो जाता है और प्रोडक्शन का काम ज्यादा होने पर वर्कर्स की रिक्वायरमेंट्स भी ज्यादा हो जाती है.

फोक्सकॉन फैक्ट्री Zhengzhou सिटी के Henan प्रोविंस में है ये चाइना के सबसे करीब प्रोविंसेस में से एक है, अब इस फैक्ट्री के पास एक छोटा सा शहर बस गया है जहाँ रेस्टोरेंट्स, माल, विडियो गेम कैफ़े, शू शॉप्स, होस्टल्स मौजूद है.

फैक्ट्री के वर्कर यही अपना बाकि का टाइम बिताते हैं इसी के साथ ही छोटे-छोटे इंडिपेंडेंट बिज़नेसेस इन वर्कर से ज्यादा खुश और 1 महीने में इनसे ज्यादा कमाते हैं क्युकी महीने में 80 घंटे ओवर टाइम करने के बाद भी वर्कर्स एक महीने का लगभग 21,000 ही कमा पाते हैं.

क्यों फैक्ट्री में काम करने वाले वर्कर्स सुसाइड कर रहे थे?

2010 से पहले दुनिया भर के काफी लोग फोक्सकॉन नाम से ही जानते हैं लेकिन उसके बाद 1 साल में लगभग 17 वर्कर्स ने फैक्ट्री बिल्डिंग से कूदकर सुसाइड कर लिया. इस हादशों के इन्विस्टिगेशन में फोक्सकॉन ने ये जिम्मेदारी उठाने से मना कर दिया, लेकिन कई लोगों का कहना है कि इन एक्सीडेंट का जिम्मेदार फोक्सकॉन के वर्किंग कंडीशन से है जहाँ पर वर्कर्स पूरे हफ्ते सेम काम करना पड़ता था. जैसे- iphone में स्क्रू लगाना, बार-बार 12 घंटो तक यही काम करना वर्कर्स के लिए बोरिंग हो जाता है.

इतना मेहनत करने के बाद भी इन्हें चैन से सोने को नही मिलता था क्युकी डेमोट्रीज में ये वर्कर्स रहते थे वहां पर 1 छोटे से रूम में लगभग 8 लोगों को एक साथ सोना पड़ता था और वहां पर हर फ्लोर पर सिर्फ एक बाथरुम मिलता था जो उस फ्लोर पर रहने वाले लगभग 200 लोगों के बीच शेयर करना पड़ता था, उन होस्टल्स में उन्हें सही से खाना भी नही मिलता था. जो लोग फैक्ट्री के आस-पास के रहने वाले है वे सन्डे को छुट्टी मिलने पर अपने घर वालो से मिलने जाते हैं लेकिन जो दूसरे शहरों के लोग है उन्हें साल में सिर्फ दो बार अपने घर वालो से मिलने जाने दिया जाता है एक चाइनीज न्यू इयर पर और दूसरा नेशनल डे पर.

सिर्फ कुछ पैसों के लिए काम करते रहना किसी भी व्यक्ति की मेंटल स्टेट को सूटेबल नही रखेगा और ऐसे में कुछ समझ न आने पर लोग सुसाइड का कदम उठा लेते है. इसीलिए 2010 के सुसाइड के बाद फोक्सकॉन ने अपने फैक्ट्री के चारों ओर नेट लगा रखे हैं जिससे फैक्ट्री बिल्डिंग से कोई वर्कर कूद कर सुसाइड न कर सके.

सब कुछ जानने के बाद भी लोग फोक्सकॉन में नौकरी के लिए क्यों जाते हैं.

लोगों को सब कुछ पता होने के बाद भी वो फोक्सकॉन में इसीलिए नौकरी करने इसीलिए जाते हैं क्युकी दूसरी चाइनीस कंपनीयों के मुकाबले फोक्सकॉन अपने वर्कर्स को ज्यादा पैसे देता है.

चाइनीस गवर्नमेंट क्यों फोक्सकॉन की इतनी मदद कर रहा है?

फोक्सकॉन के कारण चाइना में (China me banane wale iphone factories me kya hota hai) फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट बढ़ रहा है फोक्सकॉन जब चाइना से अपने प्रोडक्ट्स को स्पोर्ट्स करता है तो उससे चाइना की जीडीपी बढ़ती है यही कारण है कि चाइनीस गवर्नमेंट फोक्सकॉन की इतनी मदद कर रही है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एप्पल क्यों फोक्सकॉन का साथ नही छोड़ रही है क्युकी एप्पल को इतना सस्ता लेवर शायद कहीं नही मिलेगा और आपको तो पता ही है कि एप्पल कम्पनी दुनिया की सबसे ज्यादा प्रोफिटेबल कंपनी है.

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आज आपने क्या सीखा?

हम उम्मीद करते हैं कि हमारी ये (China me banane wale iphone factories me kya hota hai) जानकारी आपके काफी हेल्पफुल रही होंगी और ये जानकारी आपको कैसी लगी कमेंट करके जरुर बताइयेगा और इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर भी जरुर कीजियेगा.

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