कैलेंडर का अविष्कार कब और कैसे हुआ? | पूरी जानकारी हिंदी में

Calendar ka avishkar kaise hua in hindi- आप सभी लोग कैलेंडर तो देखते ही होंगे लेकिन क्या आपने सोचा कि कैलेंडर किसने बनाया और इसका अविष्कार कब हुआ, तो अगर आपको इसके बारे में जानकारी नही है तो हमारे इस आर्टिकल को पूरा पढ़िए क्युकी आज इस आर्टिकल में हम आपको कैलेंडर के अविष्कार से रिलेटेड पूरी इनफार्मेशन देंगे.

कैलेंडर का अविष्कार कब और कैसे हुआ?

Calendar ka avishkar kaise hua in hindi
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पहले समय में जब कैलेंडर नही थे तो लोग अनुभव के आधार पर काम किया करते थे उनका यह अनुभव प्राकृतिक कार्य के बारे में था, और उनका वर्षा, सर्दी, गर्मी, पतझड़ के समय में अलग-अलग काम करने का अनुभव था धार्मिक समाजिक उत्सव और खेती के काम भी इन्ही पर आधारित थे

इनके आधार पर समय का सही बंटवारा करना काफी मुश्किल होता था लोगों ने अनुभव किया कि दिन और रात का बंटवारा कभी कम ज्यादा नही होता है इसीतरह रात में चंद्रमा देखने का भी एक क्रम होता है चन्द्रमा देखने के इस क्रम को चन्द्रमाँ की कलायें भी कहा गया है, इस तरह दिन रात और चन्द्रमा की कलाओं के आधार पर दिनों की गिनती की गयी और इस अवधि को नाम दिया गया. तारे और चन्द्रमा केवल सूर्यास्त के बाद दिखाई देते हैं और सूर्यास्त होने के बाद अँधेरा हो जाता है इसीलिए इस अवधि को रात कहा गया और सूर्योदय होने से लेकर सूर्यास्त होने तक की अवधि को दिन का नाम दिया कहा गया.

यह भी अनुभव किया कि मौसम भी सूर्य के कारण बदलता है चन्द्रमा का चक्र नये चाँद से नये चाँद तक माना गया सूर्य का चक्र एक मौसम से दूसरे मौसम तक माना गया, चन्द्रमा का चक्र साढ़े 29 दिनों में पूरा होता है उसे महीना कहा गया. सूर्य के चारों मौसम को मिलाकर परस कहा गया फिर गणना के लिए कैलेंडर या पंचांग को बनाया गया, सभी देशों ने अपने-अपने तरीके से पंचांग बनाये क्युकी एक ही समय में पृथ्वी के विभिन्न भागों में दिन रात और मौसमों में भिन्नता होती है लोगों का सामाजिक जीवन खेती, व्यापार आदि इन बातों से बहुत प्रभावित होती है इसीलिए हर देश में अपनी सुविधा के अनुसार कैलेंडर बनाये.

वर्ष की शुरुआत कैसे करें, इसके लिए किसी महत्वपूर्ण घटना को आधार माना गया. कहीं किसी राजा की गद्दी पर बैठने की घटना से गिनती शुरू कर दी गयी तो कही शासकों के नाम से जैसे रोम, यूनान, शक आदि. बाद में तो ईसा के जन्म यानि ईसवी सन् की घटनाओं से कैलेंडर बने और प्रचलित हुए.

आज विश्व भर में जो कैलेंडर यूज किये जा रहे हैं उसका आधार रोमन सम्राट जूलियस सीज़र का ईसा पूर्व पहली शताब्दी में बनाया कैलेंडर ही है जूलियस सीजर ने कैलेंडर को सही बनाने में के यूनानी ज्योतिषी शोषि जीनियस की मदद ली थी, इस नये कैलेंडर की शुरुआत जनवरी से मानी गयी है इस कैलेंडर को ईसा के जन्म से 46 साल पहले शुरू किया गया था जूलियस सीजर के कैलेंडर को ईसाई धर्म को मानने वाले सभी देशों ने स्वीकार किया, उन्होंने वर्षों की गिनती ईसा के जन्म से की, ईसा के जन्म के पूर्व के वर्ष बीसी मतलब कि बिफोर क्राइस्ट कहलाये और बाद के एडी मतलब कि आफ्टर डेथ. जन्म के पूर्व के वर्षो की गिनती पीछे को हो जाती है और जन्म के बाद के वर्षो की गिनती आगे को बढ़ती है.

सौ वर्षों की एक शताब्दी होती है. संसार के सभी देश आज एक समय मानते है और अब आपस में मिलकर घड़ियों को सही रखते हैं आज समय की पाबंदी बहुत महत्वपूर्ण हो गयी है और लोग समय का मूल्य भी समझने लगे.

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आज आपने क्या सीखा?

हम आशा करते हैं कि हमारा ये (Calendar ka avishkar kaise hua in hindi) आर्टिकल आपको पसंद आया होगा और आपके लिए यूजफुल भी होगा, इसमें हमने आपको कैलेंडर से रिलेटेड पूरी इनफार्मेशन दी है.

हमारी ये (Calendar ka avishkar kaise hua in hindi) जानकारी आपको कैसी लगी कमेंट करके जरुर बताइयेगा और जो लोग इसके बारे में जानकारी लेना चाहते हैं उनके साथ ज्यादा से ज्यादा शेयर भी कीजियेगा.

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