ब्रेन ट्रांसप्लांट कैसे किया जाता है? | ब्रेन कैसे बदला जाता है?

brain transplant kaise hota hai

आप में से बहुत से लोगों ने हेयर ट्रांसप्लांट, किटनी ट्रांसप्लांट और लिवर ट्रांसप्लांट के बारे में जरुर सुना होगा लेकिन क्या आपने ब्रेन ट्रांसप्लांट के बारे में सुना है ब्रेन ट्रांसप्लांट क्या है और कैसे होता है? अगर आपको इसके बारे में जानकारी नही हैं तो आज इस आर्टिकल में हम आपको इसके बारे में पूरी जानकारी देंगे.

ब्रेन ट्रांसप्लांट क्या है? (What is brain transplant in hindi)

brain transplant kaise hota hai in hindi

इस प्रोसेस में एक इन्सान के दिमाग को दूसरे इन्सान के शरीर में ट्रान्सफर किया जाता है ब्रेन ट्रांसप्लांट के बारे में आपने कई हॉलीवुड मूवी में भी सुना होगा.

ब्रेन ट्रांसप्लांट की खोज किसने की थी?

1982 में न्यूयार्क सिटी के माउन्ट सिनाई मेडिकल कॉलेज में एक डॉक्टर ने चूहों के ब्रेन ट्रांसप्लांट करने की कोशिश की थी Dorothy T. Krieger ने इस ट्रांसप्लांट को किया था और वो इस ऑपरेशन को करने के सक्सेस हुए उसके बाद 6 जून 1998 में Pittsburgh Medical Center सर्जन की टीम ने वर्ल्ड का सबसे पहला ट्रांसप्लांट किया जिसमे उन्होंने दिमाग के एक सेल को ट्रांसप्लांट किया था लेकिन इसके कारण एक 62 साल की महिला की दोनों पैर पैरालाइज हो गये.

ब्रेन ट्रांसप्लांट कैसे किया जाता है?

न्यूरो सर्जन डॉ. रोबर्ट जे. वाइट ने एक बन्दर के दिमाग को दूसरे बन्दर के दिमाग में ट्रांसप्लांट किया है और ईसीजी रीडिंग की माने तो ईसीजी रिपोर्ट में दिखाया गया है कि दिमाग बाद में सामान्य रूप से काम कर रहा था लेकिन जिस बंदर पर ये ऑपरेशन किया गया था वो 9 दिन बाद मर गया था उस बंदर की मौत का कारण ये ब्रेन ट्रांसप्लांट ही है.

ब्रेन ट्रांसप्लांट क्यों सफल नही हुआ?

इन्सान का दिमाग इतना ज्यादा काम करता है इसे चलाने के लिए शरीर की 20% ऊर्जा दिमाग ले लेता है मस्तिष्क हमारे नर्व सिस्टम को चलाने के लिए हमारा कमांड सेंटर होता है जो हमारे पूरे शरीर से डाटा लेकर हमारी मसल्स को निर्देश देता है इन्सान के मरने के बाद उसके शरीर में कोई न्यूरल एक्टिविटी नही होती है लेकिन कुछ मशीनें ऐसी है जिनके द्वारा इन्सान के मरने के बाद भी उसे कुछ समय के लिए जिन्दा रखा जा सकता है लेकिन एक हफ्ते के बाद हमारा शरीर काम नही करेगा क्युकी मस्तिष्क के ख़त्म होने के बाद इन्सान टेक्निकली मर जाता है मशीन के द्वारा जिन्दा व्यक्ति अपने शरीर के कुछ अंगों को दान कर सकता है लेकिन ब्रेन को दान नही किया जा सकता है.

2013 में एक न्यूरो सर्जन के प्रोफ़ेसर से कई लोगों ने ये बात पूछा था कि जिस तरह से एक शरीर से लिवर निकल कर ट्रांसप्लांट किया जाता है क्या उसी तरह एक खोपड़ी को निकालकर दूसरी खोपड़ी में नही डाल सकते हैं तो इस सवाल के जवाब में सर्जन ने कहा था कि इस तरह के ऑपरेशन फ्यूचर में जरुर होंगे लेकिन अभी हमारे पास ऐसी टेक्नोलॉजी और साइंस डेवेलोप नही हुई है कि हम ऐसे ऑपरेशन को कर सके.

मस्तिष्क के स्पाइनल कोर्ड में नर्व फाइवर को जोड़ना बहुत कठिन होता है इसीलिए उन्होंने कहा कि स्पाइनल कोर्ड मतलब कि रीढ़ की हड्डी की चोट इतनी नुकसानदायक होती है कि अगर मस्तिष्क को ट्रांसप्लांट करने में सफल भी हो जाये तो स्पाइनल कोर्ड में लगने वाली चोट के कारण लोग जिन्दा नही रहते है क्युकी दिमाग को शरीर से सम्पर्क बनाने के लिए रीढ़ की हड्डी बहुत ही अहम पार्ट है ऐसे में अगर दिमाग को ट्रांसप्लांट कराया जाये तो सिर से जुड़ी हुई हड्डी में चोट लग जाएगी, और इतने बड़े ऑपरेशन को झेलने के लिए कोई बॉडी जल्दी तैयार नही होगी इसीलिए ब्रेन ट्रांसप्लांट करने से पहले एनिमल टेस्ट किया जाता है और जब एनिमल के ऊपर ये रिसर्च हो रही होती है तो इसका पूरा परमिशन सरकार से लेना होता है ये प्रोसेस काफी लंबा होता है आज भी इस प्रोसेस को सही से करना मेडिकल साइंस के लिए एक चुनौती है.

अगर किसी को ब्रेन ट्रांसप्लांट कराना है तो ये किया जा सकता है या नही?

ब्रेन ट्रांसप्लांट कराने के लिए बहुत ही ज्यादा(लगभग 13 मिलियन) रुपयों की जरूरत होती है इसमें लगभग 150 ऑपरेशन होते हैं इस सभी ऑपरेशन्स में लगभग 36 घंटे का समय लगता है इसमें सबसे इम्पोर्टेन्ट काम ब्रेन को फ्रीज करना होता है जिसमे दिमाग के पूरे सिस्टम को रोक दिया जाता है और फिर दिमाग को मरने से बचा लिया जाता है गर्दन और नसों को जोड़ने वाले ट्यूब्स को गर्दन में फिट कर दिया जाता है  और फिर स्पाइनल कोर्ड को काटा जाता है ये सबसे मुश्किल काम होता है ये काम हीरे से बने चाकू से किया जाता है मसल्स, नाउज और ओर्गंस को फिर से जोड़ा जाता है ये काम ठीक उसी तरह होता है जैसे कपड़ो को सिला जाता है.

ये काम बहुत ही मुश्किल होता है क्युकी दिमाग इन्सान के शरीर का सबसे इम्पोर्टेन्ट पार्ट होता है ब्रेन ट्रांसप्लांट करना आज भी साइंस के लिए एक चुनौती बना हुआ है.

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आज आपने क्या सीखा?

हमे उम्मीद है कि हमारा ये (brain transplant kaise hota hai) आर्टिकल आपको काफी पसंद आया होगा इसमें हमने आपको ब्रेन ट्रांसप्लांट से रिलेटेड पूरी जानकारी दी है जैसे- ब्रेन ट्रांसप्लांट क्या है? ब्रेन ट्रांसप्लांट कैसे किया जाता है? ब्रेन ट्रांसप्लांट क्यों सफल नही हुआ? और अगर किसी को ब्रेन ट्रांसप्लांट कराना है तो ये किया जा सकता है या नही?आदि.

हमारी ये (brain transplant kaise hota hai) जानकारी आपको कैसी लगी कमेंट करके जरुर बताइयेगा और ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर भी कीजियेगा.

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