अपनी कंपनी रजिस्टर कैसे कराएँ? | कंपनी रजिस्ट्रेशन कैसे करे?

apni company ko register kaise kraye

अगर आप अपनी खुद की कम्पनी शुरू करना चाहते हैं तो कंपनी शुरू करने से पहले आपको अपनी कंपनी को रजिस्टर करवाना होगा और अपनी कंपनी रजिस्टर करवाने के लिए आपको क्या करना होगा आज इस आर्टिकल में इससे रिलेटेड पूरी जानकारी देंगे.

अपनी कंपनी रजिस्टर करवाने के लिए क्या करना होगा?

apni company ko register kaise kraye

आप अपना बिज़नेस शुरू करने से पहले किसी कंसल्टेंसी या बिज़नेस फर्म की हेल्प ले सकते हैं या फिर अगर आपकी पहचान का कोई व्यक्ति बिज़नेस कर रहा हैं तो आप उसके एक्सपीरियंस से बहुत कुछ सीख सकते हैं

डीआईएन(DIN) बनवाइये

डीआईएन का फुल फॉर्म डायरेक्टर आइडेंटिफिकेशन नंबर होता है अगर आप अपनी कंपनी शुरू करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको डीआईएन के लिए अप्लाई करना होगा इसमें लगभग 2 दिन का समय लग सकता है इसके लिए आप मिनिस्ट्री ऑफ़ कॉर्पोरेट अफेयर्स की वेबसाइट www.mca.gov.in पर जाकर पूरी जानकारी ले सकते हैं और फॉर्म सबमिट कर सकते हैं. किसी भी कम्पनी को चलाने के लिए बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर की जरूरत होती है और डीआईएन  भी बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर के लिए होता है.

डिजिटल सिग्नेचर के लिए अप्लाई करें

डीआईएन बनवाने के बाद आपको डिजिटल सिग्नेचर के लिए ऑनलाइन अप्लाई करना होता है और इसके लिए आपको 400 से 2700 रूपये तक खर्च करने पड़ सकते है डिजिटल सिग्नेचर आपके हाथ से किये हुए सिग्नेचर का डिजिटल वर्शन होता है इसकी जरूरत आपको अपनी कंपनी चलाते समय पड़ेगी.

कंपनी का नाम रजिस्टर कराएँ

किसी भी चीज का नाम ही उसकी पहचान होती है इसीलिए कंपनी शुरू करते टाइम आपको एक नाम रखना पड़ता है क्युकी एक ही नाम से दो कंपनी रजिस्टर नही हो सकती हैं इसीलिए आपको अपनी कंपनी के लिए 3 से 4 नाम सोचने होंगे एक कंपनी रजिस्टर करवाने के पूरे प्रोसेस में आपको मिनिस्ट्री ऑफ़ कॉर्पोरेट अफेयर्स की कई बार जरूरत होगी

अपनी कंपनी को रजिस्टर करवाने के लिए आपको रजिस्टरार ऑफ़ कम्पनीज मिनिस्ट्री ऑफ़ कॉर्पोरेट अफेयर्स पर अप्लाई करना होगा इसमें लगभग दो दिन का समय लग सकता है आपको अपनी कंपनी रजिस्टर करवाने के लिए 100 रूपये फीस देनी होती है. आपकी कंपनी का नाम रजिस्टर होने के बाद आपको कंपनी के लिए रबर स्टाम्प भी बनवाना होगा जिसका खर्च लगभग 500 रूपये तक होगा स्टाम्प बन जाने के बाद आपको स्टाम्प ड्यूटी भरनी होती है जो ऑनलाइन की जाती है.

कंपनी शुरू करने के लिए आपको कुछ इम्पोर्टेन्ट डॉक्यूमेंट को ऑनलाइन सबमिट करना होता है इस पूरे काम को करने के लिए लगभग 7 से 8 दिन का समय लगता है और लगभग 25 हजार रूपये तक का खर्च आता है आपका ये बजट कम या ज्यादा भी हो सकता है अगर आपको इसके बारे में कोई जानकारी नही है तो आप एक सीए को हायर कर सकते हैं जो इन कामों में आपकी काफी मदद करेगा

आपको कम्पनी के नाम पर एक पैन कार्ड बनवाना होता है जिसका यूज पैसे के लेनदेन में करना होगा और कंपनी स्टाब्लिश हो जाने के बाद इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने में काम आएगा पैन कार्ड बनवाने में लगभग 7 दिन का समय और 100 रूपये तक का खर्च आएगा पैन कार्ड लेने के बाद आपको टैक्स एकाउंट नंबर (टी ए एन ) लेना होता है जिससे आप समय पर टैक्स जमा कर सकें.

गूगल पर TAN रजिस्ट्रेशन सर्च करने पर आपको एनएसडीएल की लिंक मिल जाएगी जहाँ पर आपको इससे रिलेटेड पूरी डिटेल्स और रजिस्ट्रेशन प्रोसेस भी मिल जायेगा आप मिनिस्ट्री ऑफ़ कॉर्पोरेट अफेयर्स के एमसीए सर्विसेज के अन्दर फीस एंड पेमेंट सर्विसेज में इन्क्वायर फीस के अन्दर जायेंगे तो वहां पर आपको एक फीस कैलकुलेटर दिखाई देगा जहाँ से ये पता कर सकते हैं कि कंपनी रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए आपको टोटल कितनी फीस भरनी होगी.

रजिस्टर्ड ऑफिस एड्रेस होना चाहिए

कंपनी का एक रजिस्टर्ड ऑफिस एड्रेस होना भी जरूरी है जब आप मिनिस्ट्री ऑफ़ कॉर्पोरेट अफेयर्स में रजिस्ट्रेशन के लिए एप्लीकेशन फॉर्म डालेंगे तो आपको एक रजिस्टर्ड ऑफिस एड्रेस देना होता है आपको ऑफिस एड्रेस इसीलिए देना होता है जिससे ये पता चल सके कि आपकी कंपनी कहाँ से ऑपरेट कर रही है और लोग आपसे कहाँ पर कम्यूनिकेट कर सकेंगे साथ ही कोई लेटर, करीर डिसपैच करने के लिए एक लीगल एड्रेस होना बहुत जरूरी है.

प्रोविडेंट फण्ड में रजिस्ट्रेशन कराएँ

अगर आपकी कंपनी में 20 या उससे भी ज्यादा क्लाइंट्स काम करते हैं तो गवर्नमेंट रूल्स के अनुसार आपको प्रोविडेंट फण्ड में रजिस्ट्रेशन करवाना मेंडिटरी है एम्प्लाइज प्रोविडेंट फण्ड ऑर्गेनाइजेशन में रजिस्ट्रेशन करवाने में लगभग 12 से 15 दिन  का समय लगता है अगर आप गूगल पर हाउ टू रजिस्टर फॉर पीएफ फॉर कंपनी सर्च करने पर आपको https://unifiedportal.epfindia.gov.in  लिंक पर इससे रिलेटेड सभी जरूरी जानकारी मिल जायेंगी इन सभी कामों में हेल्प करने के लिए आप एक सीए या लॉयर रख सकते हैं.

कंपनी के लिए मेडिकल इन्सुरेंस का इएसआईसी के लिए रजिस्ट्रेशन कराइए

एएसआईसी का रजिस्ट्रेशन कराने में लगभग 9 से 10 दिन का समय लगता है एम्प्लाइज स्टेट इन्सुरेंस कारपोरेशन में रजिस्ट्रेशन होने के बाद आपकी कंपनी के ऊपर एम्प्लाइज की बीमारी का ज्यादा खर्च नही आता है क्युकी मिनिमम फीस देने के बाद एएसआईसी में रजिस्टर्ड कंपनी का एम्प्लोय और उसकी फॅमिली को मेडिकल इन्सुरेंस की फैसिलिटी दी जाती है.

कंपनी रजिस्टर करवाने के लिए कौन-कौन से डॉक्यूमेंट की जरूरत होगी?

अपने देश में कंपनी रजिस्टर करवाने के लिये कई सारे ऑप्शन्स होते हैं जिसमे से आप कोई एक फॉर्मेट चुन सकते हैं जैसे- प्राइवेट लिमिटेड, लिमिटेड लायबिलिटी कंपनी, सोल प्रोप्राइटरशिप, वन पर्सन कम्पनी और पार्टनरशिप फर्म आदि.

प्राइवेट लिमिटेड कंपनी

अगर आप अपनी कंपनी प्राइवेट लिमिटेड तौर पर शुरू करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको कंपनी रजिस्टर करवाने के लिए पैन कार्ड और पासपोर्ट की भी जरूरत होती है इसके अलावा राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस इन सब में से कोई एक चीज आपके पास होनी चाहिये और डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट भी होना जरूरी है और रेजिडेंशियल प्रूफ के लिए बैंक स्टेटमेंट या इलेक्ट्रिसिटी बिल का होना अनिवार्य है आप जहाँ ऑफिस ओपन कर रहें हैं वहाँ का नोटेराइज्ड और प्रॉपर्टी ओनर से ली गयी एनओसी के साथ साथ सेल डीड या प्रॉपर्टी डीड होना जरूरी है.

प्राइवेट लिमिटेड कंपनी खोलने के लिए यहाँ क्लिक करे 

प्राइवेट लिमिटेड कंपनी कैसे खोले

सोल प्रोप्राइटरशिप

सोल प्रोप्राइटरशिप में एक व्यक्ति ही कंपनी का मालिक होता है और इंडिया में ऐसे कंपनी रजिस्टर करवाना सबसे आसान है इन कंपनी को रजिस्टर करवाने के लिए आपको आधार कार्ड, पैन कार्ड. बैंक एकाउंट और रजिस्टर्ड ऑफिस प्रूफ/रेंटल अग्रीमेंट की जरूरत होती हैं. अगर ये सभी डाक्यूमेंट्स आपके पास हैं तो आप किसी चार्टेर्ड अकाउंटेंट से रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट का काम पूरा करवा कर आप अपनी कंपनी शुरू कर सकते हैं इसमें कंपनी का पूरा प्रॉफिट एक अकेले पर्सन का होता है आपको इनकम टैक्स देना होता है और कोई डबल टैक्स नही चुकाना पड़ता है.

वन पर्सन कंपनी

आप अपनी कंपनी वन पर्सन कंपनी के तौर पर भी खोल सकते हैं क्युकी 2013 से पहले के टाईम में एक कंपनी शुरू करने के लिए मिनिमम दो डायरेक्टर की जरूरत पड़ती है लेकिन इसके बाद गवर्नमेंट ने ये नियम शुरू कर दिया कि कोई एक अकेला पर्सन भी कंपनी को शुरू कर सकता है प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के तुलना में इसे मैनेज करना आसान है इसमें आप आसानी से लोन ले सकते है

इसमें आप डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट, डायरेक्टर आइडेंटिफिकेशन नंबर और कंपनी के नाम के अप्रूवल कर साथ आप इसे शुरू कर सकते हैं इसके लिए आप मेमोरेंडम ऑफ़ एसोसिएशन, आर्टिकल्स ऑफ़ एसोसिएशन, प्रूफ ऑफ़ रजिस्टर्ड ऑफिस और मिनिस्ट्री ऑफ़ कॉर्पोरेट अफेयर्स के सारे फॉर्म्स को फाइल करके आप अपनी ये कंपनी शुरू कर सकते हैं इसमें भी आपको एक सीए या लॉयर की जरूरत होगी.

पार्टनरशिप फर्म

अगर आप अपने बिज़नेस (apni company ko register kaise kraye) में पार्टनर्स रखना चाहते हैं तो आपके लिए पार्टनरशिप फर्म सही रहेगा इस कंपनी को शुरू करने के लिए आपको अपने पार्टनर्स के साथ मिलकर एक पार्टनरशिप डीड बनवाना होगा जिसमे आपको कंपनी को कैसे चलाना है, पार्टनर्स आपस में प्रॉफिट कैसे शेयर करेंगे आदि

जैसी कई सारे नियम को फॉलो करना होगा पार्टनरशिप में बिजनेस शुरू करना आसान होता है क्युकी इसमें जो भी रिस्क होता है वो सभी पार्टनर्स में शेयर हो जाता है स्टाब्लिश होने के बाद ऐसी कंपनी को बंद करना भी आसान होता है इसमें कंपनी को सही से चलाने के लिए सभी पार्टनर्स की आपसी सहमति होनी जरूरी होती है.

अपनी Mobile कंपनी कैसे शुरू करें | How to start company

सॉफ्टवेयर कंपनी कैसे शुरू करें | कंपनी कैसे शुरू करें

आज आपने क्या सीखा?

हमे उम्मीद है कि हमारा ये (apni company ko register kaise kraye?) आर्टिकल आपको काफी पसंद आया होगा इसमें हमने आपको कोई भी कंपनी खोलने के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करवाना है इससे रिलेटेड पूरी जानकारी दी है जैसे- अपनी कंपनी रजिस्टर करवाने के लिए आपको क्या करना होगा? और अपनी कंपनी रजिस्टर करवाने के लिए कौन-कौन से डॉक्यूमेंट की जरूरत होगी? आदि,

हमारी ये (apni company ko register kaise kraye) जानकारी आपको कैसी लगी कमेंट करके जरुर बताईयेगा और जो लोग अपनी कंपनी शुरू करना चाहते हैं उनके साथ भी जरुर शेयर कीजियेगा क्युकी उन्हें अपनी कंपनी शुरू करने के लिए आपको अपनी कंपनी का रजिस्ट्रेशन करवाना होगा तो उन्हें इससे बहुत हेल्प मिलेगी.

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *